पोस्टमार्टम के कुछ समय पहले शव की अचानक चलने लगी सांसे

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छिंदवाड़ा @ पोस्टमार्टम करने पहुंचे डॉक्टर के होश उस समय उड़ गए जब मरीज की पल्स चलने अचानक चलने लगी, इसके बाद डॉक्टर ने तत्काल मरीज को सर्जिकल ओटी में शिफ्ट किया तथा सर्जन को इमरजेंसी कॉल पर बुलाया। जहां डॉक्टरों की टीम ने मरीज को प्राइमरी उपचार देकर उच्चस्तरीय उपचार के लिए नागपुर रैफर कर दिया है।

जिला अस्पताल छिंदवाड़ा में सोमवार सुबह एक अद्भुत घटना देखने को मिली। जहां पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखे मृत युवक की सांसे अचानक चलने लगीं। तत्काल में युवक को शवगृह से निकाल कर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी हिमांशु पिता रामेश्वर सिंह भारद्वाज का रविवार शाम हिंगलाज मंदिर के पास रोड एक्सीडेंट हो गया था जिससे उन्हें गंभीर चोंटे आईं थीं। उसके बाद उन्हें उपचार हेतु जिला अस्तपाल लाया गया जहां से डॉक्टर ने नागपुर रैफर कर दिया। घायल हिमांशु को नागपुर के न्यूरॉन हास्पिटल ले भर्ती कराया गया था।

सिविल सर्जन डॉ. सी एम गेडाम ने बताया कि मरीज का रेशप्रेरेशन और पल्स नहीं चलने के कारण ब्रेन डेड मानकर मृत घोषित किया गया। उनके अनुसार इस स्थिति में मरीज का हार्ट और ब्रेन काम नहीं करता है, इसलिए डॉक्टर ने मरीज को मृत घोषित और शव को मरचुरी में रखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद पोस्टमार्टम की तैयारी कर रहे स्वीपर को मरीज के शरीर में हरकत महसूस हुई तो उसने तत्काल इसकी सूचना डॉ. पांडे को दी। इसके बाद मरीज का उपचार शुरू हो गया। मरीज के साले ने बताया कि हिमांशु को लगभग 4 घंटे तक मर्चुरी में रखा गया था।  दरअसल परिजन के आग्रह पर गाड़ी में ही मरीज की पल्स जांच की गई, उस समय पल्स रेशप्रेरेशन नहीं चलने पर मरीज को मृत घोषित किया गया था। हालांकि लाखों में एकाध मरीज की पल्स लौट आती है।