दूसरा दो दिवसीय हिन्द महासागर सम्मेलन आज से श्रीलंका में

शेयर करें:

दूसरा दो दिवसीय हिन्द महासागर सम्मेलन आज से श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में शुरू हो रहा है। सम्मेलन में भारत की नुमाइंदगी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कर रही हैं। यह सम्मेलन क्षेत्र में शांति, प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देने पर केंद्रीत रहेगा।

सम्मेलन में नेविगेशन और ओवर-फ़्लाइट की स्वतंत्रता, सामूहिक रूप से आतंकवाद का मुकाबाला करने, समुद्री लुटेरों के खिलाफ सहयोग, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, घरेलू राजनीतिक संस्थानों और शैक्षिक तथा सांस्कृतिक क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा ।

इस सम्मेलन में यूरोपीय संसद की तर्ज पर भारत-प्रशांत क्षेत्र के देशों के लिए भी एक संसद की स्थापना की संभावना पर विचार किया जाएगा । साथ ही, सम्मेलन में व्यापार, वाणिज्य और आर्थिक विकास के लिए बहुपक्षीय मंच तैयार करने, मौजूदा संस्थानों को मजबूत बनाने और महासागर से जुड़ी अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओ को बढ़ावा देने जैसे मुद्दे पर चर्चा की जाएगी ।

हिंद महासागर के क्षेत्र में अवस्थित ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था विकासशील है । हिंद महासागर क्षेत्र एक विशाल क्षेत्र है, जो सीधे-तौर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ क्षेत्र में अवस्थित 32 देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है । साथ ही, इस क्षेत्र में शासन की गुणवत्ता , राजनीतिक स्थिरता, जनसांख्यिकीय दबाव, जातीय और सांप्रदायिक तनाव और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे जहां कई चुनौतियां पैदा करते हैं, वहीं कई अवसर भी उपल्बध कराते हैं ।

इस बार हिंद महासागर सम्मेलन 2017 में सदस्य देशों के साथ-साथ ऐसे देशों को भी अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित किया गया, जिनका हित इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यह सम्मेलन इंडिया फाउंडेशन और एस. राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज सिंगापुर आयोजित किया जा रहा है ।