17 दिसम्बर से दस्तक अभियान का द्वितीय चरण

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श्योपुर@ दस्तक अभियान का द्वितीय चरण 17 दिसम्बर 2018 से 31 जनवरी 2019 तक संचालित होगा। जिसमें जन्म से 5 वर्ष तक बच्चों को घर-घर जाकर आशा, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के लिए सोमवार से घर-घर दस्तक दिया जावेगा।

दस्तक अभियान का उद्देश्य पांच वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय रूप से पहचान एवं प्रबंधन करना, छः माह से पांच वर्ष तक के बच्चों में गंभीर एनिमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन करना, नौ माह से पांच पांच वर्ष के समस्त बच्चों का विटामिन ए अनुपूरण करना, पांच वर्ष तक के बच्चों में बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान एवं रेफरल करना सुनिश्चित किया जावेगा।

इसी प्रकार इस अभियान के अंतर्गत पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चें में बाल्यकालीन दस्त रोग के नियंत्रण हेतु ओ.आर.एस. के उपयोग संबंधी सामुदायिक जागरूकता में बढ़ावा एवं प्रत्येक घर में गृहभेंट के दौरान ओ.आर.एस. पहुँचाना, गृहभेंट के दौरान आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छूटे हुये बच्चों की जानकारी लेना, शिशु एवं बाल आहारपूर्ति संबंधी समझाइश समुदाय को देना एवं स्तनपान संबंधी भ्रांतियों में कमी हेतु सामुदायिक जागरूकता लाने के प्रयास किए जावेंगे।

दस्तक अभियान में कम वज़न के नवजात शिशुओं की उचित देखभाल हेतु समुदाय में कंगारू मदर केयर पद्धति संबंधी जागरूकता, एस.एन.सी.यू. एवं एन.आर.सी. से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग एवं फॉलो-अप को प्रोत्साहन, बच्चों में दिखाई देने वाली जन्मजात विकृतियों की पहचान, समुदाय में अभियान के दौरान बीमार बच्चों का मूलभूत प्रबंधन तथा जन्म से 5 वर्षीय बच्चों का विगत 6 माह में हुई मृत्यु की ट्रेकिंग करना है।