SC का ऐतिहासिक फैसला: आपकी प्राइवेसी है आपका मौलिक अधिकार

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सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निजता के अधिकार को माना मौलिक अधिकार। नौ जजों की पीठ ने सर्वसम्मति से लिया फैसला। कोर्ट से इस फैसले से आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पर भी पड़ेगा असर।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजता का अधिकार संविधान के अन्‍तर्गत मौलिक अधिकार माना है। मानने संबंधी मामले में अपना फैसला सुना सकता है। प्रधान न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति जे एस खेहर की संविधान पीठ ने इस मामले में लगातार कई दिन तक सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

संविधान पीठ इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकारों की श्रेणी में आता है या नहीं। संविधान पीठ ने 19 जुलाई से इस मामले पर मैराथन सुनवाई शुरू की थी और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आधार कार्ड को अनिवार्य करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई शुरू होगी।