सरपंचों को लगा बड़ा झटका, सरकार ने छीन लिए ये अधिकार

शेयर करें:

राज्य सरकार ने एक बार फिर सरपंचों से वित्तीय अधिकार छीन लिए हैं। राज्य वित्त आयोग (Finance Department ) का पैसा अब सीधे पंचायतों के खातों में नहीं जाएगा। बल्कि अब पंचायतों को वित्त विभाग के पीडी खाते से पैसा लेना होगा। सरकार के इस फैसले के बाद राज्य भर के सरपंच लामबंद हो गए हैं।

सरपंचों के हाथ-बंध गए है
गाँव के मुखिया यानी सरपंच अब मरुधरा की पंचायतों पर तालाबंदी की तैयारी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, राज्य सरकार ने सरपंचों से वित्तीय अधिकार छीन लिए हैं। यानी अब सरपंचों को पंचायतों के विकास कार्यों के लिए पैसा खर्च करने का अधिकार नहीं होगा। अब इस पुस्तक का लेखा-जोखा पंचायत के वित्त विभाग द्वारा किया जाएगा।

वित्त विभाग सभी पंचायतों के लिए पीडी खाते खोल रहा है। सरपंच को विकास कार्यों के लिए इन खातों से पैसा दिया जाएगा। सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल का कहना है कि अब पैसे भी विभाग को देने होंगे। इस अधिकार को छीनने से सरपंचों की मुसीबतें बढ़ जाएंगी।

इससे पहले, धन सीधे खाते में स्थानांतरित किया जाता था-
राज्य के प्रत्येक पंचायत में विकास कार्यों के लिए, सरकार राज्य वित्त आयोग से सीधे पंचायतों के खातों में धन हस्तांतरित करती थी। यह राशि एक वर्ष में दो किस्तों के रूप में पंचायतों के खातों में दी गई थी। मध्य पंचायतों में 10-10 लाख की दो किस्तों और बड़ी पंचायतों के लिए 15-15 लाख की धनराशि दी गई। सरपंच पंचायत में विकास कार्यों के लिए पंचायत के बैंक खाते से पैसा खर्च करता था, लेकिन अब इस व्यवस्था को रोक दिया गया है। पहले सरपंचों को खातों में ब्याज की राशि मिलती थी, लेकिन अब नहीं मिलेगी।

अब वित्त विभाग का खातों पर सीधा नियंत्रण-
नई व्यवस्था के अनुसार, अब पंचायतों का धन पर कोई नियंत्रण नहीं होगा। सरकार ने हर पंचायत के लिए पीडी खाते खोले हैं, जो वित्त विभाग के नियंत्रण में होंगे। पंचायत के विकास कार्यों के लिए सरपंचों को वित्त विभाग से पैसा लेना होगा। अब सरपंच खुद पैसा खर्च नहीं कर पाएंगे।

र्फोटिन फाईनेंस कमीशन का पैसा भी पीडी खाते से-
पंचायतों के विकास के लिए राज्य सरकार की तरह, केंद्र सरकार पंचायतों के खातों में वित्त वित्त आयोग का पैसा लगाती थी, लेकिन अब यह राशि भी सीधे पीडी खाते में जमा की जाएगी। केंद्र सरकार मध्यम पंचायतों के लिए 10-10 लाख और बड़ी पंचायतों के लिए 15-15 लाख की दो किस्तें हस्तांतरित करती थी। वित्त विभाग ने अब तक 8 हजार पंचायतों के पीडी खाते खोले हैं।

अब पंचायतों में हल्ला बोलेंगे सरपंच
राजस्थान के 11 हजार से ज्यादा सरपंचों (Sarpanch) को बड़ा झटका लगा है, सरकार के इस फैसले के बाद सरपंच सरकार के खिलाफ हल्ला बोल रहे हैं। 13 जनवरी को सभी पंचायत मुख्यालयों पर कलेक्टर को ज्ञापन दिए जाएंगे और 21 जनवरी को सभी 11344 पंचायतों में तालाबंदी की जाएगी।