सेना प्रमुख को ‘सड़क का गुंडा’ कहने पर घिरे संदीप दीक्षित

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नई दिल्ली । कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत को ‘सड़क का गुंडा’ कहकर भारतीयों में रोष जगा दिया। हालांकि बाद में कांग्रेस नेता ने ट्विटर पर माफी मांग ली। लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने संदीप दीक्षित की पार्टी से बर्खास्तगी की मांग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगने को कहा है।

कांग्रेस सांसद और शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने रविवार कहा, ‘पाकिस्तानी सेना की तरह हमारी माफिया सेना नहीं है, जो सड़क के गुंडे की तरह बयान दे। भारतीय सेना में गहराई और सज्जनता है। वह एक महान संस्था है। उसकी अपनी एक कार्यसंस्कृति है। मुझे नहीं लगता कि सेना प्रमुख ने इस जज्बे का मान रखा है। मेरा मानना है कि सेना प्रमुख ने भारतीय सेना की छवि के अनुरूप कुछ नहीं किया है।सेना प्रमुख को राजनीतिक बयान नहीं देने चाहिए।’

हालांकि बाद में अपनी ही पार्टी का खुलकर समर्थन न मिलने पर संदीप दीक्षित ने ट्विटर पर क्षमा मांगते हुए कहा-‘मेरे सेना प्रमुख से कुछ मतभेद हैं लेकिन मुझे उचित शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए था। मैं इसके लिए माफी चाहता हूं।’ हालांकि कांग्रेस प्रवक्ता नीम अफजल ने संदीप दीक्षित की इस बदजुबानी से किनारा करते हुए कहा, ‘हमारी पार्टी सेना की वैसे ही इज्जत करती है, जैसे इस देश की जनता।

अगर सेना प्रमुख के लिए कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया गया है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’ इस बीच, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने ट्विटर पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आखिर कांग्रेस पार्टी चाहती क्या है। कांग्रेस की हिम्मत कैसे हुई कि भारतीय सेना प्रमुख को ‘सड़क का गुंडा’ कहा। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि यह बयान स्तब्धकारी है। देश के सेना प्रमुख को सड़क का गुंडा कहने को भारतीय लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

सोनिया गांधी को ऐसे नेताओं को बर्खास्त कर देना चाहिए और खुद भी माफी मांगनी चाहिए। पात्रा ने कांग्रेस पर ऐसे बयान देने की परंपरा बताते हुए कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ‘खून की दलाली’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उल्लेखनीय है कि जनरल रावत ने हाल में एक इंटरव्यू में मेजर लीथुल गोगोई का बचाव करते हुए कहा था कि घाटी में पत्थरबाजों से बचने के लिए एक कश्मीरी आदमी को सेना की जीप पर बैठाना उचित था।