क्रिप्टोकरेंसी संबंधित विज्ञापनों पर प्रतिबंध

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प्रमुख सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर और गूगल ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी (आभासी मुद्रा) संबंधी विज्ञापनों पर रोक लगा दी है। इससे पहले गूगल ने घोषणा की थी कि वह अप्रैल 2018 से अपनी वित्तीय सेवा नियामक नीति में परिवर्तन कर रही है और आभासी मुद्रा तथा प्रारंभिक मुद्रा पेशकश (आईसीओ) से जुड़े विज्ञापनों पर रोक लगाएगी।

इस तरह इंटरनेट की दुनिया की शीर्ष 3 कंपनियों गूगल, ट्विटर और फेसबुक ने क्रिप्टोकरेंसी और आईसीओ के विज्ञापनों पर रोक लगाने की शुरुआत कर दी है। विशेषज्ञ इस प्रतिबंध को 3 श्रेणियों में बांट कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सबसे अधिक नुकसान आईसीओ क्षेत्र को होगा और ये नियम किसी भी तरह से ब्लॉकचेन विज्ञापनों पर प्रतिबंध नहीं लगाते।

ब्लॉकचेन विशेषज्ञ और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज बिटफ्यू के संस्थापक आशीष अग्रवाल कहते हैं कि दीर्घावधि में क्रिप्टोकरेंसी बाजार पर इसका बहुत अधिक असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘हम इस प्रतिबंध को सकारात्मक रूप में ले रहे हैं। आज आभासी मुद्रा का बाजार मांग आधारित बना हुआ है और क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज विज्ञापनों पर बहुत अधिक खर्च नहीं कर रहे हैं।

आज के दौर में बहुत से फर्जी आईसीओ की बाढ़ आ गई है और इस प्रतिबंध से आईसीओ बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।’ गूगल ने बताया कि उसने विज्ञापन को लेकर 12.6 अरब डॉलर खर्च किए हैं, लेकिन बेहतर उपभोक्ता अनुभव देना प्राथमिकता है। गूगल ने कहा, ‘बहुत सी वेबसाइटों के मालिक हमारे विज्ञापन प्लैटफॉर्म का उपयोग करते हैं।

लेकिन विज्ञापनों से होने वाली कमाई नियमों के तहत होनी चाहिए। विज्ञापनों की तुलना में उपभोक्ता अनुभव अधिक महत्त्वपूर्ण है।’ वर्ष 2017 में गूगल को विज्ञापन कारोबार से लगभग 100 अरब डॉलर का राजस्व मिला था जो पिछले वर्ष से 20 प्रतिशत अधिक रहा।