रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने की मौद्रिक नीति की घोषणा

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रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने मौद्रिक नीति की घोषणा की और नीतिगत दरो में कोई बदलाव नही किया। ये लगातार तीसरी क्रेडिट पॉलिसी है जिसमें आरबीआई ने नीतिगित दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने अगले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

अगर आपने बैंक से कोई लोन ले रखा है तो उसकी ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने जा रहा है ।वो इसलिए क्योंकि आरबीआई ने बुधवार को जारी अपनी नीतिगित दरों में कोई बदलाव नहीं किया। आरबीआई ने रेपो रेट 6 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार रखा है।

कैश रिजर्व रेश्यो यानी सीआरआर भी 4 फीसदी पर बरकरार है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की 6 और 7 फरवरी को बैठक हुई जिसमें ये फैसला लिया गया। आरबीआई का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति बढकर 5.1 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.1 से 5.6 प्रतिशत के बीच रह सकती है। रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने हाल ही में पेश बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस बार के बजट में जिस तरह से गांव, गरीब और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास ध्यान दिया गया है वो काबिले तारीफ है। उन्होंने ये भी कहा कि जीएसटी स्थिर हो रहा है। देश में आर्थिक गतिविधियां बढ रही हैं और निवेश में सुधार के शुरुआती संकेत भी मिल रहे हैं।

दरअसल ये लगातार तीसरी क्रेडिट पॉलिसी है जिसमें आरबीआई ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछली बार आरबीआई ने अगस्त 2017 में दरों में 0.25 फीसदी की कटौती की थी। हालांकि आरबीआई लंबे समय से बैंकों को अपनी निचली दरों का फायदा ग्राहकों को देने के लिए कहता आ रहा है।