यूपी पंचायत चुनाव: पिछले चुनाव के आरक्षण को ध्यान में रख आरक्षण व्यवस्था होगी तय

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश होम में होने वाले पंचायत चुनावों में आरक्षण को लेकर पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव ने प्रेस कांफ्रेंस कर अधिसूचना जारी करते हुए जानकारी दी है कि प्रदेश में 826 ब्लॉक 58194 ग्राम पंचायतों में वार्डों की संख्या का गठन हो चुका है. पंचायत चुनाव में रोटेशन रिजर्वेशन लागू किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि इस दौरान पिछले 5 चुनावों में आरक्षण को भी ध्यान में रखा जाएगा. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आरक्षण को लेकर पंचायत क्षेत्रों को वरीयता दी जाएगी जो पहले कभी आरक्षित नहीं हुए थे. मनोज सिंह ने बताया कि पिछले निर्वाचन को देखते हुए एससी ओबीसी और महिला आरक्षण को लागू किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को जिला पंचायत और ब्लाक प्रमुख के पदों का आरक्षण जारी किया जाएगा. साथ ही जिला स्तर पर ग्राम पंचायतों का आरक्षण किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि चुनाव में शिक्षा आड़े नहीं आएगी. पूर्व की तरह ही पंचायती चुनाव कराएं जाएंगे. 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा.

साथ ही जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी. 2 से 3 मार्च के बीच प्रधानों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र व जिला पंचायत के आरक्षित प्रदेशिक आरक्षण निर्वाचन क्षेत्र के आवंटन की प्रस्‍तावित सूची का जिलाधिकारी द्वारार प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद 4 मार्च से लेकर 8 मार्च तक, 4 दिन में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. जिसे भी आपत्ति करनी है लिखित आपत्ति दर्ज करानी पड़ेगी. फिर 10 से 12 मार्च के बीच आई हुई आपत्तियों का निस्‍तारण करते हुए अंतिम सूची तैयार की जाएगी.

मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर, क्षेत्र पंचायत के सदस्य, ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है. पंचायत चुनाव में 2015 में जो आरक्षण की स्थिति थी, वह इस चुनाव में नहीं होगी. जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वे इस बार अनारक्षित व ओबीसी के हो सकते हैं.

कोई भी ऐसा पद जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित नहीं हुआ, वह शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित हो सकता है. ऐसे ही जिला पंचायत का कोई अध्यक्ष पद नहीं आरक्षित रहा है, तो वह आरक्षित हो सकता है. कोई ऐसा पद जो ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है, वह ओबीसी के लिए आरक्षित होगा, इसी तरह कोई पद महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुआ तो इस बार हो सकता है.

6 दिन में दर्ज करानी होगी आपत्ति

11 से लेकर 15 तारीख के बीच में जिला पंचायतों की 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी। पूरे प्रदेश में 2 जिला पंचायत ऐसी थीं जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए नहीं आरक्षित हुईं एवं 7 ऐसी जिला पंचायतें थीं जो महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं हुईं। 826 ब्लॉकों में जिलेवार किस श्रेणी में आरक्षण होगा, यह राज्य स्तर पर जारी किया जाएगा एवं जिला पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया भी राज्य स्तर पर जारी होगी। पुरानी व्यवस्था के तहत चुनावों में शिक्षा आड़े नहीं आएगी। 2 मार्च से लेकर 8 मार्च तक, 6 दिन में आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। जिसे भी आपत्ति करनी है लिखित आपत्ति दर्ज करानी पड़ेगी।

आरक्षण व्यवस्था पर होगा खास ध्यान

बताया गया कि पिछले पांच चुनावों के वह पद किसके लिए आरक्षित था उसका संज्ञान लिया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं वार्ड मेंबर क्षेत्र पंचायत के सदस्य ग्राम प्रधान एवं उनके सदस्य सभी के सीटों का निर्धारण किया जा चुका है। इस शासनादेश में उनके आरक्षण आवंटन की व्यवस्था घोषित की गई है। 2015 में आरक्षण की जो स्थिति है वह 2021 में नहीं होगी। जो पद शेड्यूल कास्ट या फिर शेड्यूल कास्ट महिला के लिए हैं, वे अनारक्षित व ओबीसी हो सकते हैं। कोई भी ऐसा पद जो आज तक शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित नहीं किया गया है वह शेड्यूल कास्ट के लिए आरक्षित होगा। जैसे जिला पंचायत का कोई अध्यक्ष पद नहीं आरक्षित रहा है, वह आरक्षित हो सकता है फिर इसी तरह यह देखा जाएगा कि कोई ऐसा पद जो ओबीसी के लिए आरक्षित नहीं हुआ है वह ओबीसी के लिए आरक्षित होगा, फिर इसी तरह महिला आरक्षण को भी देखा जाएगा और इसी तरह से क्रम में आरक्षित किया जाएंगे।