नेपाल में फंसे मानसरोवर यात्रियों के लिए बचाव कार्य शुरू

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खराब मौसम के कारण नेपाल में फंसे 1500 मानसरोवर यात्रियों को सुरक्षित निकालने का काम शुरू। विदेश मंत्री ने दिया हर संभव मदद का भरोसा। प्रधानमंत्री भी विदेश मंत्रालय समेत संबंधित अधिकारियों के संपर्क में।

नेपाल के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की वजह से कैलाश मानसरोवर की यात्रा के रास्ते में फंसे 1500 से अधिक यात्रियों के लिए राहत अभियान शुरू हो चुका है। मौसम के साफ होने के बाद नेपालगंज और सिमिकोट के बीच हवाई यातायात के जरिए यात्रियों को निकाला जा रहा है। सिमिकोट से अब तक 80 से अधिक तीर्थयात्रियों को निकाला जा चुका है। 1500 से अधिक कैलाश मानसरोवर यात्री जिसमें अधिकतर भारतीय यात्री हैं। वे नेपालगंज-सिमिकोट-हिलसा के मार्ग पर भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से फंसे हैं।

नेपाल में भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के प्रतिनिधि हर फंसे हुए श्रद्धालुओं के संपर्क में हैं और उन्हें खाने पीने और दवाओं समेत तमाम जरूरी चीजें मुहैया कराई जा रही है। नेपाल में फंसे तीर्थयात्रियों के बचाव से जुड़े पूरे मामले की प्रधानमंत्री भी निगरानी कर रहे हैं। नेपाल में अलग अलग शहरों से आए श्रद्धालुओं की जानकारी हासिल करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। श्रद्धालुओं के परिजन इन नंबरों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 9851107006, 977-9851155007, 977-9851107021, 977-9818832398 और 977-9851165140.

कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषियों के लिए भी हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है। कन्नड़ भाषियों के लिए नंबर है +977-9823672371, तेलुगु भाषियों के लिए +977-9808082292, तमिल +977-9808500642 और मलयालमभाषी +977-9808500644 इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

नेपाल में फंसे भारतीय तीर्थयात्रियों के मसले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट में कहा है कि भारतीय दूतावास ने नेपालगंज और सिमिकोट में अपने प्रतिनिधियों को कार्य पर लगाया है और वे तीर्थयात्रियों से संपर्क में हैं और सभी तीर्थयात्रियों को भोजन और आवास सुविधाएं सुनिश्चित करवा रहे हैं।