विक्टोरिया में भर्ती मरीज से बुलवा रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन

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जबलपुर @ कोरोना मरीज ठीक भी नहीं हुआ और उसे अस्पताल के बाहर भेजा जाना कितना खतरनाक हो सकता है इस बात से अनजान हो चुके चिकित्सक विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती मरीजों को खुद दवा लाने के लिए कहा जाना क्या सही है । शुक्रवार को वार्ड नंबर दो के 17 में मरीज 22 वर्षीय मयंक बढगैया की हालात नाजुक हो गई। कोरोना संक्रमण में उसके फेफड़ों में फैल गया जिससे सांस लेने में थी। ऐसे में चिकित्सकों ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता को लेकर पर्ची लिखी। ऐसे में उसे बाहर से इस इंजेक्शन लाने कहा जाये। बताया जा रहा है की मरीज के साथ कोई ना होने की वजह से खुद ही इंजेक्शन के लिए बाहर जाना पड़ा ।

इस संबंध में जब जिला स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने इसे गलत बताया। उनके अनुसार मरीज के लिए इंजेक्शन अस्पताल में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि उनके सामने पूरे जिले की व्यवस्था है जबकि विक्टोरिया की जवाबदारी सिविल सर्जन के पास है उन्हें बताएं। इस संबंध में वरिष्ठ अफसरों से शिकायत की गई तो रेमडेसिविर इंजेक्शन का दूसरा डोज मरीज को लगाया गया। लेकिन बताया जाता है कि विक्टोरिया और मेडिकल अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त होने के बावजूद मरीजों को लगाने से परहेज किया जा रहा है।