राफेल सौदे में रिलायंस को खुद चुना बतौर साझेदार: दसॉ एविएशन

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दसॉ एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपियर ने रिलायंस-दसॉ सौदे में भष्ट्राचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. एक समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में ट्रैपियर ने कहा कि रिलायंस-दसॉ सौदे में भष्ट्राचार के आरोप बेबुनियाद हैं और घरेलू राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनावों के मद्देनज़र इस तरह के आरोप लगना किसी भी देश में आम बात है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों को झूठा करार दिया.

ट्रैपियर ने कहा कि दसॉ ने रिलायंस को खुद बतौर साझेदार चुना और दसॉ के पास रिलायंस के अलावा भी 30 और साझेदार हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना ने भी समझौते का समर्थन किया है, क्योंकि आत्मरक्षा को मज़बूत करने के लिए फाइटर जेट्स की ज़रूरत थी.

ट्रैपियर ने राफेल की कीमत पर कहा कि यह एयरक्राफ्ट 9 प्रतिशत सस्ता है. उन्होंने कहा कि क्योंकि यह दोनों सरकारों के बीच की डील है, इसलिए कीमत पर मोल-भाव हुआ. दसॉ के सीईओ ने कहा कि अगले साल सितंबर तक भारत को पहला राफेल विमान मिल जाएगा.