दिवाली और छठ से पहले रेलवे का तोहफा रेलवे ने 15 ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर स्कीम को खत्म

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रेलवे ने दिवाली से ठीक पहले यात्रियों को बड़ा तोहफा दिया है. रेलवे ने ऐसी ट्रेनों से फ्लेक्सी फेयर पूरी तरह हटा दिया है, जिनमें 50 फीसदी से कम सीटों की बिक्री होती है.

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेलवे उन रेलगाड़ियों से फ्लैक्सी किराया प्रणाली को पूरी तरह से हटाएगी, जिनमें ऐसे हालात हैं. लेकिन, सभी ट्रेनों के लिए फ्लेक्सी फेयर की अधिकतम सीमा को टिकट के आधार मूल्य के 1.5 गुणा के बजाय 1.4 गुणा होगा.

रेल मंत्री ने कहा कम सीट बुकिंग वाली 15 रेलगाड़ियों में फ्लैक्सी किराया प्रणाली हटाई गई है. वहीं, 32 रेलगाड़ियों में सुस्त यात्रा मौसम के दौरान यह प्रणाली लागू नहीं होगी. लेकिन, बाकी 101 रेलगाड़ियों में योजना लागू रहेगी. रेल मंत्री ने इसकी घोषणा ट्विटर पर की है.

पीयूष गोयल ने कहा कि यह फैसला रेलवे और यात्रियों दोनों के लिए फायदेमंद है. उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों पर किराये का बोझ कम होगा तो दूसरी तरफ डिमांड बढ़ने से रेलवे को भी फायदा होगा.

अक्‍टूबर 2016 से राजधानी, शताब्दी, दुरोंतो में ये किराया लागू था. फ्लेक्सी फेयर की वजह से इन ट्रेनों में सीटें नहीं भर रही थीं. सरकार ने दिवाली और छठ जैसे बड़े त्‍योहार को देखते हुए 15 ट्रेनों में इस स्कीम को खत्म कर दिया था. रेलवे का ये ऐलान यात्रियों के बड़ी राहत देने वाला है.

राजधानी, शताब्दी और दुरंतों जैसी प्रीमियम ट्रेनों में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम लागू किया गया था. इस सिस्टम के तहत एक तय सीमा में सीटें बुक होने के बाद किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, जो अधिकतम 50 फीसदी तक होती है.

इस स्कीम के तहत जिस समय टिकट की मांग ज्यादा होती है, उस वक्त टिकट की कीमतें बढ़ा दी जाती है. ऐसा त्योहारी सीजन में ही होता है. वहीं, दूसरी ओर जब टिकट की मांग कम हो जाती हैं तब कीमतें सामान्य हो जाती हैं. अब तक हवाई जहाज की टिकटों में ऐसा होता था.

बता दें कि ट्रेन में फर्स्ट एसी और एग्जिक्यूटिव कैटेगरी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होता है. इसमें शुरुआत में पहली 10 फीसदी सीटों के लिए सामान्य किराया लागू होता है, इसके बाद हर 10 फीसदी बर्थ की बुकिंग के बाद किराए में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी जाती है. मांग के आधार पर इसमें अधिकतम 50 फीसदी तक किराया बढ़ता है.

सेकेंड एसी और चेयरकार के लिए अधिकतम 50 फीसदी की बढ़ोतरी होती है. वहीं, थर्ड एसी के लिए यह सीमा 40 फीसदी अधिक होती है. अन्य चार्जेस जैसे कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट शुल्क, कैटरिंग शुल्क और सेवा कर में बदलाव नहीं होता है. फ्लेक्सी फेयर स्कीम को 9 सितंबर, 2016 को 44 राजधानी, 46 शताब्दी और 52 दुरंतो (प्रीमियम सुपरफास्ट कैटिगरी) ट्रेनों के लिए लागू किया गया था.