28 जनवरी को पल्स पोलियो टीकाकरण महा अभियान 

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इन्दौर @ राष्ट्रीय पल्स पोलियो महाअभियान का इस वर्ष का पहला चरण इंदौर जिले में 28 जनवरी को आयोजित किया जायेगा। इस प्रथम चरण में 0 से 5 वर्ष आयु तक के साढ़े पांच लाख से अधिक बच्चों को पोलियो निरोधक दवा पिलाई जायेगी। इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार की गई है। जिले में पोलियो निरोधक दवा पिलाने के लिये तीन हजार सात सौ टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं।

अपर कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान की अध्यक्षता में आज यहां अभियान की रूपरेखा तैयार करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रीमती चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष आयु तक के सभी बच्चों को टीकाकरण केन्द्रों पर लाकर पल्स पोलियो की दवा अवश्य पिलायें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस अभियान का सघन एवं प्रभावी क्रियान्वयन करें।

वे ध्यान रखें कि 5 वर्ष आयु तक का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा पीने से वंचित नहीं रहे। ऐसे बच्चे जो 28 जनवरी, 2018 को पोलियो की दवा पीने से वंचित रहते हैं उन्हें चिन्हित कर अगले दिन घर-घर जाकर पोलियो निरोधक दवा पिलायें। बताया गया कि इंदौर जिले में वर्तमान अनुमानित जनसंख्या 36 लाख 03 हजार 912 है। जिसमें 0 से 5 वर्ष के कुल अनुमानित बच्चों की संख्या लगभग 5 लाख 62 हजार है। जिन्हें पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के तहत पोलियो वैक्सीन पिलाई जाना है।

इसके अतिरिक्त माइग्रेटरी साईट्स एवं ट्रांजिट साइट्स पर भी पल्स पोलियो की दवा पिलाना है। जिले में पोलियो निरोधक दवा पिलाने के लिये 3 हजार 599 टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर लगभग 8 हजार अधिकारी, कर्मचारी लगाये गये हैं।

शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये चार झोन में विभाजित किया गया है। इनमें नंदानगर, मल्हारगंज, संयोगितागंज एवं हुकुमचंद क्षेत्र शामिल है। प्रत्येक झोन का एक प्रभारी झोनल अधिकारी है। इन्दौर नगर निगम सीमा में 85 वार्ड है, प्रत्येक वार्ड के लिये भी एक-एक वार्ड प्रभारी चिकित्सक नियुक्त किये गये हैं। साथ ही प्रत्येक झोन एवं ब्लाक स्तर पर भी एक-एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किये गये हैं जो कि पल्स पोलियो कार्यक्रम में अपने क्षेत्र की सतत समीक्षा करेंगे तथा प्रत्येक झोन की पल्स पोलियो की समस्त गतिविधियों के लिये झोनल चिकित्सा अधिकारी उत्तरदायी रहेंगे।

ग्रामीण क्षेत्र चार ब्लाक में विभाजित हैं। देपालपुर, सांवेर, हातोद तथा मानपुर में खण्ड चिकित्सा अधिकारी पदस्थ है। वे अपने क्षेत्र की कार्ययोजना बनाएंगे तथा क्रियान्वयन के लिये वे जिम्मेदार रहेंगे। महू शहरी क्षेत्र की कार्ययोजना एवं क्रियान्वयन की जिम्मेदारी महू सिविल अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ की रहेगी। सम्पूर्ण जिले में आईईसी गतिविधियों का समस्त प्रभार एवं उत्तरदायित्व जिला आईईसी शाखा का रहेगा एवं समस्त जिले के वाहन व्यवस्था का उत्तरदायित्व वाहन प्रभारी अधिकारी एवं वाहन इन्चार्ज का रहेगा।

स्वयंसेवी संगठन, रोटरी क्लब, आईपीए,आईआईएम तथा आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता आदि की सेवाएं ली जायेगी। इंदौर नगर की समस्त तंग बस्तियों (स्लम एरिया), बहु मंजिली इमारतों, निर्माणाधीन भवन के निवासियों के लिये विशेष चलित टीकाकरण टीम द्वारा पोलियो की दवा पिलाई जायेगी।

शहरी क्षेत्र के निर्माणाधीन कालोंनियों तथा टाऊनशीप के लिए इस बार विशेष रूप से कार्य योजना बनाई गई है। इन क्षेत्रों के लिये विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया जायेगा। इसी तरह शहर में होने वाले धार्मिक कार्यक्रम, प्रवचन स्थल, मेले, हाट बाजार, ट्रांजिट पाइंट, शॉपिंग माल, मेन चौराहा आदि के लिये भी विशेष दल बनाये जाएंगे।

पल्स पोलियो अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में एक प्रकोष्ठ का गठन भी किया गया है। इसी कार्यालय में कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0731-2537253 है।