पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में जल्दी ट्रायल कराने की पहल करें लोक अभियोजन अधिकारी

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भोपाल : जनसम्पर्क तथा विधि-विधायी कार्य मंत्री पी.सी. शर्मा ने पीटीआरआई में पॉक्सो एक्ट संबंधी लोक अभियोजन की विधिक कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों में ट्रायल जल्दी करवाने की पहल किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लोक अभियोजन अधिकारियों से कहा कि डीएनए रिपोर्ट प्राप्त करने में होने वाले विलंब को कम किया जाए। श्री शर्मा ने बच्चियों से दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामलों में नियमित मॉनीटरिंग किये जाने और दोषियों को यथाशीघ्र सख्त सजा दिलवाने की जरूरत बताई।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि लोक अभियोजन अधिकारियों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ पीड़िता के साथ अभिभावक की तरह व्यवहार रखें, उन्हें निर्भय होकर पूरे आत्म-विश्वास के साथ गवाही देने की प्रेरणा दें। श्री शर्मा ने पॉक्सो एक्ट में कार्यवाहियों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में 67 प्रतिशत प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलवाने में हम सफल हुए हैं। इस वर्ष प्रदेश में पॉक्सो एक्ट में 9 प्रकरणों में अपराधियों को फांसी की सजा दिलाई गई। मंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अपराधियों के मन में सजा का खौफ पैदा करें।

प्रमुख सचिव गृह एस.एन. मिश्रा ने कहा कि अपराधियों के मन में खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में खौफ बढ़े। इसके लिए ऐसे अपराधों के अधिकतम प्रकरणों में अपराधियों को सजा दिलाना जरूरी है। सरकार का पक्ष अभियोजन अधिकारी द्वारा न्यायालय के समक्ष मजबूती के साथ रखा जाना चाहिए। प्रमुख सचिव विधि श्री सत्येन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के प्रकरणों की रोजाना की कार्रवाई की राज्य मुख्यालय पर मॉनीटरिंग की जा रही है। संचालक लोक अभियोजन श्री पुरुषोत्तम शर्मा ने पॉक्सो एक्ट संबंधी संभाग स्तरीय कार्यशालाओं के लोक अभियोजन की विस्तृत जानकारी दी।