आतिशबाजी के दुष्परिणामों से जन-सामान्य को जागरूक किया जाए

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कटनी @ राज्य शिक्षा केन्द्र ने प्रदेश में आतिशबाजी के दुष्परिणामों से शिक्षकों, विद्यार्थियों और जन-समुदाय को जागरूक करने के लिए जिला कलेक्टरों को विशेष प्रयास करने के निर्देश दिये हैं। इसके लिए जिलों में विद्यार्थियों की सहभागिता से विशेष गतिविधियाँ करने के लिए कहा गया है।

राज्य शिक्षा केन्द्र ने पर्यावरण संरक्षण के लिए संदर्भ के रूप में विशेष सामग्री जिलों को भेजी है। संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री लोकेश जाटव ने पत्र में लिखा है कि शनिवार को स्कूलों में होने वाली बालसभा में वाहनों की तेज आवाज और आतिशबाजी से होने वाले दुष्प्रभाव पर स्लोगन और वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ आयोजित की जायें। इसके साथ ही, माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान मित्र क्लब और आसपास की खोज कार्यक्रम के जरिए आतिशबाजी, लाउडस्पीकर के दुष्प्रभावों का छात्रों से अध्ययन करवाया जाए।

राज्य शिक्षा केन्द्र ने सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में आतिशबाजी और लाउडस्पीकर के प्रयोग को कम करने और बुराई के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने के लिए स्कूलों में बाल केबिनेट, एनसीसी, एनएसएस के विद्यार्थियों के माध्यम से नुक्कड़ नाटक करने के लिए भी कहा गया है। आतिशबाजी और ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभाव पर केन्द्रित करते हुए रेडियो वार्ता भी कराये जाने के लिए कहा गया है।