प्रमुख सचिव की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सेकड़ो कर्मचारियों की नहीं हुई जांच

शेयर करें:

भोपाल। कोरोना के संक्रमण को रोकने में लगा स्वास्थ्य विभाग आम लोगों को जब तब दिशा निर्देशों का पालन करने की बात करता रहता है, लेकिन जब खुद के अधिकारी पॉजीटिव हुए तो खुद ही सारी गाइडलान की धज्जियां उड़ा दी। विभाग के प्रमुख के पॉजीटिव आने के बाद विभाग के अन्य अधिकारियों के तत्काल जांच करा दी गई। लेकिन जब बात विभाग के कर्मचारियों की आई तो उन्हें घरों में क्वारेंटाइन होने को कह दिया गया।

दरअसल मामला प्रमुख सचिव पल्लवी जैन गोविल और मप्र हेल्थ कार्पोरेशन के एमडी जे विजय कुमार से जुड़ा है। इन दोनों अधिकारियों की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। हालात यह थी की दो दिनों में ही तीन दर्जन से ज्यादा अधिकारियों के सैंम्पल ले लिए गए। लेकिन इन अधिकारियों के लगातार संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों की जांच अब तक नहीं हुई। कुछ कर्मचारियों ने जांच के लिए कहा तो उन्हें घर मे क्वारेंटाइन होने को कह दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार अधिकारियों से मिलते रहते हैं। बार बार में केबिन में फाइलों के साथ आनाजाना होता है। डायरेक्टे्रड में २५० से ज्यादा कर्मचारी हैं जो जांच के घेरे मंे आ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्होंने जांच के लिए कहा तो उनसे कहा गया कि घरों में रहें, लक्षण दिखने पर जांच की जाएगी। यही नहीं कई एेसे कर्मचारी है जो लगातार कम कर रहे हैं।

अंदेशा जताया जा रहा है कि अधिकारियों के कोरेाना पॉजीटिव आने के बाद पूरे डायरेक्ट्रेड में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। फाइलों से लेकर कुर्सी टेबल अलमारी सहित अन्य सामान संक्रमित हो सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि अधिकरियों से सेनीटाइजेशन के नाम पर सिर्फ अधिकारियों के कमरे सैनीटाइज किए गए हैं। जब तक पूरा डायरेक्ट्रेड सैनीटाइज नहीं होगा तक खतरा कम नहीं होगा।