तीन देशों की सफल यात्रा के बाद स्वदेश लौटे प्रधानमंत्री

शेयर करें:

पश्चिम एशिया के 3 देशों के दौरे के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मस्कट स्थित शिव मंदिर का दौरा किया। ये मंदिर सदियों पुराना है। मस्कट में लगभग ये 3 सौ साल पहले से स्थित है। इसी के साथ प्रधानमंत्री ने दुनिया की बेहतरीन मस्जिदों में से एक माने जाने वाली क़ाबूस ग्रैंड मस्जिद का भी दौरा किया।

भारत का सबसे नज़दीक़ी खाड़ी देश ओमान में एक पुराना शिव मंदिर है जिसका निर्माण तक़रीबन 125 साल पहले हुआ था। मस्कट में श्रृद्धालुओं के लिए ख़ास माने जाने वाले इस मंदिर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होने यहां पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। यहां शिव मोतीश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं, साथ ही उन्होने मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में भी जाकर दर्शन किए।

दरअसल इस मंदिर की स्थापना तक़रीबन सालों पहले गुजरात से व्यापार के लिए ओमान गए कारोबारियों ने की थी। प्रधानमंत्री ने यहां मंदिर प्रबंध से जुड़े लोगों से मुलाक़ात की। प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर के बाहर जमा भीड़ को भी निराश नहीं किया और अपने अंदाज़ में बड़ी ही सहजता से लोगों से मिले।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने मस्कट स्थित विश्व प्रसिद्ध मस्जिद क़ाबूस ग्रैड का भी दौरा किया। अपनी भव्यता और अनोखी वास्तुशैली की वज़ह से यह ख़ास है। साथ ही इसके निर्माण में भारतीय बलुआ पत्थरों का भी बखूबी इस्तेमाल हुआ है। इस दौरान ओमान के उप-प्रधानमंत्री भी साथ रहे।

प्रधानमंत्री ने ओमान के सुल्तान क़ाबूस की और ओमान की जनता की शानदार मेज़बानी की तारीफ़ करते हुए लिखा कि धन्यवाद करते हुए लिखा कि ओमान वासियों के प्यार,अद्भुत सहयोग के लिए मै दिल से आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही अपने शासनकाल के शानदार 50 साल के लिए सुल्तान को शुभकामनाऐं।

प्रधानमंत्री अपनी 3 पश्चिमी एशियाई देशों की यात्रा के आख़िरी दिन ओमान के काउंसिल ऑफ मिनिस्टर के उप प्रधानमंत्री सैयद फहद बिन महमूद अल सैद से मुलाक़ात की। साथ ही उन्होने अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मामलों के लिए उप प्रधानमंत्री सैयद असद बिन तारिक अल सईद से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने ओमान के प्रमुख कारोबारियों से भी मुलाक़ात की। गौरतलब है कि भारत ओमान का साझा व्यापार 2017 में बढ़कर 4 बिलियन डॉलर हो चुका है। प्रधानमंत्री ने न्यू इंडिया की तस्वीर पेश करते हुए कारोबारियों से भारत में निवेश की अपील भी की साथ ही उन्होने आशा व्यक्त की कि ये दोनों देशों के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने इस दौरे को यादगार क़रार देते दिया साथ ही ये दौरा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंधों को सुदृढ़ करेगा और दोनों के बीच व्यापार,निवेश सहित सभी तरह के संबंधों को नई मज़बूती मिलेगी। प्रधानमंत्री का इस दौरे को लेकर दोनों देशों में उत्साह रहा ओमान के प्रमुख अख़बारों ने भी इसे ऐतिहासिक क़रार दिया। गौरतलब है कि ओमान भारत का प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में प्रधानमंत्री का ओमान का पहला दौरा दोनों देशों के बीच एक नया आयाम है।