आशा एवं आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तोहफा

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प्रधानमंत्री ने देश भर की आशा,एएनएम और आंगनबाड़ी सेवकाओं से वीडियो कांफ्रेसिंग के ज़रिए बातचीत की। उन्होने देश भर में काम कर रही 24 लाख कार्यकर्ताओं को राष्ट्रीय पोषण मिशन की अहम कड़ी करार दिया।

आशा सेविकाओं के लिए केन्द्र सरकार ने प्रोत्साहन राशि को दोगुना कर दिया है। इसके तहत केंद्र सरकार की तरफ से मिलने वाली राशि मौजूदा राशि से दोगुनी होगी। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षा और जीवन ज्योति बीमा योजनाओं का लाभ भी मिलेगा।

इन बीमा योजनाओं की किस्त केन्द्र सरकार ही वहन करेगी। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोत्तरी की गई है। अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 हज़ार की जगह 4500 रु. का मानदेय अक्टू से लागू होगा। साथ ही जिन्हें 2200 रु. मिलते हैं उन्हे 3500 रु. और जिन सहायिकाओं को 1500 रु. मिलते हैं उन्हे 2250 रु. मिलेंगे।

पीएम मोदी ने मंगलवार को जब आशा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ नरेन्द्र मोदी एप और वीडियो लिंक के जरिए संवाद किया तो साफ किया कि सरकार का ध्यान पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पर है। उन्होंने आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘अपने लाखों हाथ’ के रूप में रेखांकित करते हुए कहा कि टीकाकरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है जिससे महिलाओं और बच्चों को खासी मदद मिलेगी।

पीएम ने कहा कि पोषण का सीधा संबंध स्वास्थ्य से होता है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने झुंझनू से राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत की थी। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि स्वास्थ्य मिशन में लगे एक-एक व्यक्ति की बदौलत पोषण मिशन ज़रूर क़ामयाब होगा।

पीएम ने कहा कि यदि देश का नागरिक सही से पोषित होगा, विकसित होगा तो देश के विकास को कोई नहीं रोक सकता है। पीएम ने कार्यकर्ताओं के काम की सराहना करते हुए कहा कि होम बेस्ड न्यूबोर्न केयर के माध्यम से हर वर्ष देश के लगभग सवा करोड़ बच्चों की देखभाल हो रही है। आयुषमान भारत की पहली लाभार्ती करिश्मा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आयुषमान भारत योजना को घर घर तक पहुचानें में भी एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यक्रताओं की भूमिका बडी है।

पीएम मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना देश में 25 सितंबर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर लागू होगी और वो 23 सितंबर को झारखंड के आदिवासी इलाके से इसकी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के गरीब अब गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लाचार महसूस नहीं करेंगे और अपना सबकुछ गिरवी रखने को मजबूर नहीं होंगे।

पीएम ने इसी कार्यक्रम में देशभर के आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि का एलान करते हुए कहा कि आशाकर्मियों की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर दुगना तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 3000 रूपये से बढ़ा कर 4500 रूपये कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है।

गौरतलब है कि सरकार का पोषण मिशन महिलाओ, किशोरियों और बच्चों में कुपोषण और खून की कमी को दूर करना है। पीएम ने इस मौके पर जिक्र किया कि उऩकी सरकार ने दो साल पहले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व कार्यक्रम शुरू किया था और इसके तहत 1.5 करोड़ महिलाओं की जांच की गई है।

गर्भवती महिलाओं के लिये प्रधानमंत्री मातृत्व बंदन योजना के तहत 5000 रूपये की सहायता दी जा रही है। आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, कि स्वस्थ और सक्षम भारत के निर्माण में उनकी अहम भूमिका है । पीएम ने कहा कि सबको मिलकर कुपोषण के खिलाफ, गंदगी के खिलाफ, मातृत्व की समस्याओं के खिलाफ सफलता हासिल करनी होगी।”

आशा कार्यकर्ताओं और आगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने का भारतीय मजदूर संघन ने स्वागत किया है। भारतीय मजदूर संघन ने कहा कि मानदेय बढ़ाने का उनके संगठन की बहुत पुरानी मांग थी जिसे प्रधानमंत्री ने पूरा किया।