प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर की दो दिवसीय यात्रा पर

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सिंगापुर में बुधवार से 33वें दक्षिण पूर्वी एशियाई राष्ट्र संगठन (आसियान) और 13वें पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन बैठकों में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी की 2 दिवसीय यात्रा से भारत के आसियान के साथ-साथ सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को भी मज़बूती मिलेगी. यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी फिनटेक सम्मेलन में उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे. दुनिया के इस बड़े मंच पर प्रधानमंत्री ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर आधारित भारतीय वित्तीय सेवाओं में आमूल-चूल बदलाव की सफलता को रखेंगे.

सिंगापुर की पहचान अपनी तकनीक आधारित सेवाओं की बदौलत दुनियाभर में है. सड़क पर ट्रैफिक कंट्रोल हो या फिर सामान्य जीवन की सेवाएं, सभी कुछ यहां आधुनिक डिजिटल रूप में हैं. यहीं पर एक और सेवा की रूपरेखा का विस्तार देने की कशिश की जा रही है, और ये है फिनटेक. इस सम्मेलन में भारत प्रमुखता के साथ शिरकत कर रहा है. यहां भारतीय पवेलियन भी स्थापित किया गया है. दुनिया के कई देशों की वित्तीय सेवाओं से संबंधित नए शोध, अविष्कार और उन्हें कम लागत में लोगों के लिए उपलब्ध कराने की कवायद को यहां दिखाया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी 14 नवंबर को अपनी दो दिन की सिंगापुर यात्रा में सबसे पहले इस महाकुंभ को संबोधित करेंगे.

पिछले चार सालों में भारत ने डिजिटल तकनीक के ज़रिए कई सेवाओं को उन लोगों तक पहुंचाने की कामयाब कोशिश की है, जो कहीं सुदूर इलाकों में थे और 21वीं सदी में भी वंचित थे. लेकिन तकनीक के इस्तेमाल से सामाजिक बदलाव की सफल कहानी भारत ने पिछले चार सालों में तेज़ी से साथ लिखी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण वित्तीय समायोजन की योजना जनधन है. 32 करोड़ बैंक खातों का खुलना दुनिया के लिए भी एक सफल उदाहरण है.

इस कामयाबी के बाद भारत में एप आधारित सेवाओं को भी विस्तार मिला है. सिंगापुर में भी एक ऐसे ही उद्यमी शामिल हुए हैं जो वित्तीय सेवाओं को विस्तार दे रहे हैं. इनमें से कुछ एप के ज़रिए ऋण देने की आसान प्रक्रिया अपना रहे हैं, तो कोई बैंकों की अलग-अलग सेवाओं को एप आधारित बनाकर जन सामान्य की मुश्किलें आसान कर रहे हैं.

डिजिटल भारत के बढ़ते दायरे में जन सामान्य की सेवाओं को बेहतर गुणवत्ता वाला बनाने के लिए कई अविष्कार और स्टार्ट अप सामने आ रहे हैं. इन्हें सरकार ने 2014 के बाद काफी बढ़ावा दिया है. भारतीय प्रयासों की इन्हीं सफल कहानियों को प्रधानमंत्री दुनिया के सामने रखेंगे और एक समावेशी समाज बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक देश से दूसरे देश तक सेवाओं के विस्तार के लिए ब्लॉकचेन को भी विस्तार देने का आह्वान करेंगे.

सिंगापुर दौरे पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा, “इन बैठकों में मेरी भागीदारी से आसियान सदस्य देशों और वृहद हिंद प्रशांत क्षेत्र में हमारे सहयोग को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मैं अन्य आसियान देशों तथा पूर्वी एशिया सम्मेलन के देशों से साथ होने वाली बैठकों के लेकर काफी आशान्वित हूं.”

“14 तारीख को मैं सिंगापुर फिनटेक सम्मेलन में भाषण दूंगा. वित्तीय तकनीक का ये सबसे बड़ा सम्मेलन न केवल इस सेक्टर में भारत की ताकत को प्रदर्शित करने का सही मंच है बल्कि नवाचार और विकास को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक साझेदारी तैयार करने का सही मंच है. मुझे उम्मीद है कि मेरी सिंगापुर यात्रा से आसियान और पूर्वी एशिया सम्मेलन के देशों से साझेदारी को गति मिलेगी.”