प्रधानमंत्री मोदी ने किया भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन

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इस बार विज्ञान कांग्रेस की थीम है विज्ञान और तकनीक से दूर लोगों तक इसकी पहुंच को आसान बनाना, यानि फोकस ऐसी नई खोजों पर होगा जो आम आदमी की जिंदगी बदल सकते हैं। इस मेले का उद्देश्य किसानों में कृषि से संबंधित नवीनतम प्रौद्योगिकीय विकास की जागरुकता विकसित करना है। तीन दिन का मेला कल शुरू हुआ। इसमें किसानों की आय दोगुना करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

इस मेले का उद्देश्य किसानों में कृषि से संबंधित नवीनतम प्रौद्योगिकीय विकास की जागरुकता विकसित करना है। किसानों के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी और सरकारी पहल को प्रदर्शित करने के लिए 800 से अधिक स्टॉल और मंडप बनाए गये हैं। प्रधानमंत्री मोदी जैविक खेती पोर्टल की शुरुआत करेंगे और 25 कृषि विज्ञान केंद्रों की आधारशिला रखेंगे। वे कृषि कर्मण पुरस्कार और पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार भी प्रदान करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मणिपुर की राजधानी इंफाल में 105वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया. 16 से 20 मार्च तक होने वाले इस कार्यक्रम में देश-विदेश के वैज्ञानिक, विद्वान और कॉरपोरेट अधिकारियों सहित करीब 5,000 प्रतिनिधि शरीक हो रहे हैं.

ये दूसरी बार है जब भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन उत्तर-पूर्व के राज्यों में किया जा रहा है. इस बार के विज्ञान कांग्रेस की थीम है विज्ञान और तकनीक से दूर लोगों तक इसकी पहुंच को आसान बनाना. साइंस कांग्रेस का जोर आम आदमी तक विज्ञान का लाभ पहुंचाकर सतत विकास को बढ़ावा देना है.

पांच दिनों के इस कार्यक्रम में बहुत सारे विषयों पर चर्चा परिचर्चा भी की जाएगी, जिसमें विज्ञान सभी के लिए, समावेशी सामाजिक विकास के लिए विज्ञान और तकनीक और नई खोज के जरिए फासलों को मिटाना जैसे विषय काफी महत्वपूर्ण हैं. कार्यक्रम में तकनीक आधारित स्टार्ट अप्स कॉन्क्लेव को भी दिखाया जाएगा, जिसके जरिए बड़े खोजकर्ताओं और अनुसंधान से जुड़े लोग आकर्षित हो सकेंगे. भौतिकी, रसायन, मेडिसिन, शांति, अर्थशास्त्र और गणित के क्षेत्र से जुड़े नोबेल पुरस्कार प्राप्त लोग भी इसमें शामिल होंगे.

नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही विज्ञान पर सरकार का खासा जोर रहा है. इसी का नतीजा है कि पिछली बार जब साइंस कांग्रेस की बैठक हुई थी. उसका मुख्य फोकस था राष्ट्रीय विकास के लिए विज्ञान और तकनीक. वहीं साल 2016 में विज्ञान कांग्रेस की थीम थी स्वदेशी विकास के लिए विज्ञान और तकनीक. साल 2015 की थीम थी मानव विकास के लिए विज्ञान और तकनीक तो साल 2014 में थीम थी समावेशी विकास के लिए विज्ञान में नवोन्मेष.

गौरतलब है कि भारतीय साइंस कांग्रेस की स्थापना का उद्देश्य भारत में आधुनिक विज्ञान को आगे बढ़ाना एवं समाज के विकास के लिए इसका सही उपयोग करना है. उम्मीद की जानी चाहिए कि इस साइंस कांग्रेस के जरिए विज्ञान और तकनीक की पहुंच समाज के आखिरी पंक्ति में खड़े लोगों तक पहुंचेगा और भारत तरक्की की दिशा में यूं ही आगे बढ़ता रहेगा.