माँ सीता के मायके में प्रधानमंत्री मोदी

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मुझे गर्व है कि यहां आकर माता सीता की पूजा करने का सौभाग्य मिला। मैं भारत का पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने जनकपुर में आकर पूजा की। मैं नेपाल के प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करता हूं।

पंडित ने पीएम को पहनाया ‘पाग’
जानकी मंदिर में पूजा के दौरान पंडित ने प्रधानमंत्री मोदी को पाग पहनाया. बता दें कि पाग को मिथिला में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. अंग्रेजी संस्कृति में जैसे ‘क्राउन’ का महत्व है, उसी प्रकार मिथिला में ‘पाग’ का महत्व है. जनकी मंदिर में पूजा के दौरान पीएम मोदी के साथ नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली भी मौजूद थे. मंदिर में दर्शन करने के बाद पीएम मोदी ने विजिटर बुक में अपना संदेश लिखा.

  • आज जानकी मंदिर में दर्शन कर, मेरी बहुत सालों की मनोकामना पूरी हुई।
  • भारत और नेपाल दो देश हैं, लेकिन हमारी मित्रता आज की नहीं त्रेता युग की है। राजा जनक और राजा दशरथ ने सिर्फ जनकपुर और अयोध्या ही नहीं, भारत और नेपाल को भी मित्रता और साझेदारी के बंधन में बांध दिया था।
  • ये बंधन है राम-सीता का। बुद्ध का, महावीर का। यही बंधन रामेश्वरम में रहने वाले को खींच कर पशुपतिनाथ ले आता है। यही बंधन लुम्बिनी में रहने वाले को बोधगया ले जाता है। और यही बंधन, यही आस्था, यही स्नेह, आज मुझे जनकपुर ले आया है।
  • भारत नेपाल संबंध किसी परिभाषा से नहीं बल्कि भाषा से बंधे हैं। ये भाषा आस्था की है, ये भाषा अपनेपन की है, ये भाषा रोटी की है और ये भाषा बेटी की है।
  • ये मां जानकी का धाम है, जिसके बिना अयोध्या अधूरी है।