प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का किया उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में चल रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन में एनडीए सरकार की बीते तीन वर्षों की उपलब्धियों और विकास की प्राथमिकताओं का किया जिक्र। पीएम ने आयुष्मान भारत समेत विकास और समाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। कहा, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों के फायदे के लिए सरकार कर रही है सभी उपाय ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में दो दिवसीय वैश्विक निवेशक सम्मेलन का उद्घाटन किया। गुवाहाटी में आयोजित किए जा रहे इस सम्मेलन का मकसद भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण और संसाधनों से भरपूर असम द्वारा निवेश के तमाम अवसरों की ओर ध्यान आकर्षित करना है। समिट में रतन टाटा और मुकेश अंबानी सरीखे उद्योगपतियों ने भी शिरकत की। इसमें आसियान देशों के साथ ही भूटान,बांग्लादेश सहित जर्मनी,जापान के निवेशकों की भी आने की उम्मीद है।

इस समिट में 12 फोकस क्षेत्र निर्धारित हैं और निवेश के लिए इन्ही पर चर्चा होगी। कृषि क्षेत्र में जैविक खेती के विकास पर ज़ोर होगा तो वहीं कई फूड प्रोसेसिंग के सेंटर बनाने और चाय उत्पादकों से लेकर कई दूसरे कृषि क्षेत्रों के किसानों को भी आर्थिक रफ़्तार मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पूरा ज़ोर उत्तर पूर्व के राज्यों के विकास पर रहा है। इन राज्यों को दी गई अष्ट लक्ष्मी की संज्ञा को जीवंत करने के लिए केंद्र सरकार कई परियोजनाऐं चला रही है। चुनौती भरे राज्यों में आधारभूत संरचना सड़क,रेल और बिजली से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी तेज़ी से काम पिछले साढ़े तीन सालों के दौरान हुऐ हैं। ऐसे में लोगों को रोज़गार के लिहाज से और देश की आर्थिक रफ़्तार में शामिल होने के लिए ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट भी एक नया आगाज है।

ये सम्मेलन ना सिर्फ़ राज्य बल्कि उत्तरपूर्व क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा मौक़ा है। इस सम्मेलन के दौरान देश-दुनिया के दिग्गज उद्योगपति शिरकत करेंगे। इस समिट में 12 फोकस क्षेत्र निर्धारित हैं और निवेश के लिए इन्ही पर चर्चा होगी। कृषि क्षेत्र में जैविक खेती के विकास पर ज़ोर होगा तो वहीं कई फूड प्रोसेसिंग के सेंटर बनाने और चाय उत्पादकों से लेकर कई दूसरे कृषि क्षेत्रों के किसानों को भी आर्थिक रफ़्तार मिलेगी।

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए उद्योग जगत का आह्वान करते हुए उन्हें नए विचार देने को कहा। साथ ही असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य स्थानीय युवाओं, किसानों और उद्यमियों को एक वैश्विक बाजार मुहैया कराना है।

वहीं वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने वैश्विक निवेशक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार नई उद्योग नीति बना रही है जिसमें व्यापारी वर्ग ईज ऑफ डूइिंग बिजनेस के अलावा प्लीज ऑफ डूइिंग बिजनेस भी महसूस करेंगे।

उत्तर पूर्व के राज्य प्राकृतिक संपदा से भरपूर हैं। विद्युत उत्पादन के लिए जल स्रोत हैं तो वहीं वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र में भी संभावनाऐं मौजूद हैं। ऐसें में कमी तक़नीक़ और निवेश की है। इन राज्यों के विकास के लिए राज्य और केंद्र सरकार साथ मिलकर तेज़ी से काम कर रहे हैं।

एक तरफ रोज़गार बढ़ाने के लिए परंपरागत उद्योगों हथकरघा,हस्तशिल्प और बांस आधारित उद्योगों को बाज़ार उपलब्ध कराने से लेकर कौशल विकास भी किया जा रहा है। साथ ही राज्य में टेक्सटाइल, फर्मास्युटिकल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र की असीम संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से घिरा असम का ये सम्मेलन आसियान देशों से बढ़ते भारत के संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। साथ ये समिट राज्य के लिए पहला इंवेस्टमेंट समिट है। दो दिवसीय ये सम्मेलन 4 फरवरी तक चलेगा। ऐसे में राज्य के आर्थिक विकास पर के लिए बदले माहौल में कई क्षेत्रों में भारी निवेश मिलने की उम्मीद है।