प्रधानमंत्री ने किया डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन

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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के अलीपुर रोड पर डॉ. अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का उद्घाटन किया. 100 करोड़ रुपए की लागत से संविधान पुस्तक की आकृति में बना ये स्मारक है आधुनिक और बौद्ध शिल्पकारी की अद्भुत मिसाल।

किताबनुमा बने इस म्यूजियम में अंबेडकर को 3-डी में तीन जगह लाइव सुन सकेंगे। इसमें डॉ. अंबेडकर की असली आवाज की मिक्सिंग की गई है। इसके अलावा, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में क्लास के लिए आते-जाते उनका 3डी मूवमेंट भी दिखाई देगा। स्मारक के अंदर कई डिजिटल स्क्रीन लगाई गईं हैं जिस पर लोग संविधान की पूरी किताब पढ़ सकते हैं। टच बटन दबाते ही इसका हर पन्ना पलटता जाएगा।

बौद्ध शैली से बने म्यूजियम में मेडिटेशन सेंटर भी बनाया गया है। पीएम ने अलीपुर रोड तक जाने के लिए मेट्रो को चुना। उन्होंने लोक कल्याण मेट्रो मार्ग स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने रास्ते में पैसेंजर्स से मुलाकात की। कुछ लोगों के साथ सेल्फी भी ली।

सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय ने दिल्ली स्थित इस पावन भूमि को विश्वस्तरीय स्मारक में तब्दील कर दिया है। अलीपुर रोड को महापरिनिर्वाण भूमि भी कहा जाता है। इस स्मारक के अंदर संगीतमय फव्वारे, अशोक स्तम्भ, बाबा साहेब की 12 फ़ीट ऊँची कांसे की मूर्ति और दो तोरण द्धार भी बनाये गए है।

स्मारक के अंदर का ये हिस्सा पूरी तरह से वातानुकूलित है, इस इमारत के पहली मंजिल के सभी दीवारों पर बाबा साहेब अम्बेडकर के जीवनी पर आधारित हाई क्वालिटी डिस्प्ले स्क्रीन लगा हुआ है जो बाबा साहेब, भारतीय संविधान और उससे जुड़े तथ्यों को बारी बारी से ऑडियो-वीडियो के रूप में प्रदर्शित करता है।

इसमें उन तमाम सामाजिक आन्दोलनों को दिखाया गया है जो बाबा साहेब के जरिये चलाये गए थे। ईमारत की निचली मंजिल पर बाबा साहेब के जीवन संघर्ध को प्रदर्शित करने के साथ साथ एक मैडिटेशन हॉल भी है जिसमे महात्मा बुद्ध की मूर्ति को विएतनाम से लाये गए मार्बल से बनाया गया है। डॉ. अम्‍बेडकर सिर्फ दलित श्रमिकों के ही नहीं, बल्कि सभी मेहनतकशों के भी मसीहा थे जिनके सम्मान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे जुड़े स्थानों को पंचतीर्थ बनाने का एलान किया था जिनमे से महू स्थित उनका जन्‍मस्‍थल, ब्रिटेन में अध्‍ययन के दौरान उनका निवास, नागपुर में दीक्षा भूमि, मुम्‍बई में चैतन्‍य भूमि और दिल्‍ली का ये महापरिनिर्वाण स्‍थल है जो अब डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के नाम से जाना जायेगा।

महू स्थित उनका जन्‍मस्‍थल, ब्रिटेन में अध्‍ययन के दौरान उनका निवास, नागपुर में दीक्षा भूमि, मुम्‍बई में चैतन्‍य भूमि और दिल्‍ली का ये महापरिनिर्वाण स्‍थल है जो अब डॉ अम्बेडकर राष्ट्रीय स्मारक के नाम से जाना जायेगा। ये नायाब स्मारक तक़रीबन 2 एकड़ में फैला हुई है जो संगीतमय फव्वारों और रौशनी से सराबोर बाबा साहेब अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करता है।