मुसीबत के समय राजनीति ठीक नहीं अभी जिंदगियां बचाना पहला मकसद: विजयवर्गीय

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इंदौर| रविवार को इंदौर में रेसीडेंसी कोठी में कोरोना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में आला अधिकारियों सहित बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद, विधायको सहित अन्य जनप्रतिनिधि थे। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने दिए प्रशासन को कई सुझाव दिए और लॉक डाउन के दौरान आने वाली समस्याओ से भी अवगत कराया।

बैठक के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिला प्रशासन को बताया गया है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए एक कंट्रोल रूम खोला जाए क्योंकि सामान्य बीमार व्यक्ति वर्तमान में किसी हॉस्पिटल में नही जा पा रहा है, देर रात तक लोगो के कॉल आते है और उनको शिकायत रहती है कि वो हॉस्पिटल में खड़े है और उन्हें निजी अस्पतालो में भर्ती नही किया जा रहा है। उन्होंने दिवंगत पूर्व एमआईसी मेंबर देवकृष्ण सांखला का उदाहरण दिया और कहा कि वो 4 घण्टे तक इलाज के लिए परेशान होते रहे आखिर में विधायक रमेश मेंदोला ने उन्हें भर्ती करवाया। ऐसे में आम लोगो को इलाज में कोई परेशानी न हो इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जाए और प्रशासनिक अधिकारी को उसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएं इस बात से जिला प्रशासन को विजयवर्गीय ने अवगत कराया।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव ने कोरोना पर हो रही राजनीति पर सवाल उठाए और कहा कि इस समय लोगो को जिन्दगी बचाना सबसे पहला काम है। राजनीति और दोषारोपण करते रहेंगे ऐसे में हम भी कह सकते है कि “पूर्व कलेक्टर ठीक समय पर जागृत हो जाते और पुरानी सरकार काम कर लेती तो इंदौर को ये सजा नही भुगतनी पड़ती” पर ये मैं कहूँ तो ये नासमझी होगी। उन्होंने साफ किया कि आज के समय मे हम सब मिलकर शहर, प्रदेश और देश को बचाये ये हम सबका दायित्व है।

वही कोरोना को लेकर सीएम शिवराज चौहान द्वारा भेजे गए डॉक्टर्स और प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर को छोटे छोटे झोन में विभाजित करेंगे और डॉक्टर व अधिकारी वहा लीड करेंगे और हेल्थ के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी किराना सामग्री जैसी व्यवस्थाओ को भी देखेंगे।