एटीएम से रूपये निकालने वाला आरोपी एंव सहयोगी युवती पुलिस गिरफ्त में

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जबलपुर @ जिला पुलिस जबलपुर को एटीएम से सम्बंधित धोखाधड़ी के मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विगत कई महिनों से एटीएम में ग्राहक जाते थे ग्राहकों द्वारा एटीएम से पैसा निकालने के लिये एटीएम को स्वेप किया जाता था किन्तु पैसे नही निकलते थे परन्तु बाद में ग्राहक को मोबाईल में पैसे निकलने का मैजेस मिलता था । जिस पर ग्राहक को बैंक द्वारा ग्राहक के ही एटीएम कार्ड से पैसा निकलना बताया जाता था । इस तरह की कई घटनाएँ होने से घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुये पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर जोन जयदीप प्रसाद, उप पुलिस महानिरीक्षक जबलपुर रेंज भगवत सिंह चौहान की मार्ग दर्षन में पुलिस अधीक्षक शशिकांत शुक्ला द्वारा एक विषेष टीम का गठन किया गया । जिस टीम का नेतृत्व सूरज वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण/अपराध जबलपुर को सौपा गया। जिस पर सूरज वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दक्षिण /अपराध जबलपुर के नेतृत्व में प्रकरण की जांच सायबर सैल क्राईम ब्रांच की विषेष टीम को सौपी गयी। जिस पर कई महीनों की कड़ी मेहनत के पश्चात् मामले के अज्ञात आरोपियों का खुलासा किया और जाकर आरोपियों को इंदौर से पकड़कर जबलपुर लाया गया ।

आरोपियों द्वारा वारदात हेतु ऐसे एटीएम मशीन का चयन किया जाता था जहां पर एक ही केविन के अंदर दो एटीएम होते थे । एक एटीएम के सामने आरोपी खड़ा रहकर मोबाईल पर बात करता रहता था ग्राहक द्वारा जैसे ही एटीएम में कार्ड स्वैप करके पासवर्ड डालने की प्रक्रिया चालू ही करता था तभी आरोपी द्वारा ग्राहक को कहा जाता था कि आप दूसरी मशीन से पैसे निकाले इस मशीन में मेरे पैसे फंसे है तब ग्राहक एटीएम के अंदर दूसरी मशीन मे जाकर अपना कार्ड स्वैप करता था और पैसा निकालने की प्रक्रिया प्रारम्भ करता था इसी दौरान आरोपी द्वारा एटीएम के अंदर पहली मशीन जिसमें ग्राहक द्वारा कार्ड स्वैप किया गया था, ग्राहक द्वारा जैसे ही एटीएम के अंदर दूसरी मे मशीन मे अपना पिन नम्बर दर्ज किया जाता था उसी दौरान आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से ग्राहक की अंगुलियों की चाल देखकर एटीएम पिन नम्बर जान लेता था और पहली मशीन पर वही पिन नम्बर डाल देता था, तथा समय बढ़ाने की प्रक्रिया को जारी रखता था जब तब की ग्राहक केविन से बाहर न चला जाये । ग्राहक के बाहर जाते ही आरोपी द्वारा एक बार में अधितम रकम एटीएम से निकाल ली जाती थी।

आरोपी द्वारा की गयी इस प्रक्रिया के दौरान पहली मशीन पर जो कार्ड ग्राहक द्वारा पहले स्वैप किया जाता था। वह पहला ट्रांजक्शन होता है। इस कारण ग्राहक के दूसरी एटीएम मशीन में जाकर कार्ड स्वैप करने पर पैसा नही निकलता। क्योंकि एक कार्ड के स्वैप किये जाने के बाद बिना ट्रांजक्शन पूरा किये दूसरी एटीएम मशीन से पैसा नही निकाला जा सकता है । आरोपी इस कार्य में आरोपी की एक महिला मित्र जो आईटी इंजिनिरिंग की छात्रा है सहयोग करती थी।

दीपक सोनी 28 वर्ष और शिवानी मतेले 21 वर्ष दोनों ही छतरपुर के हैं जो की वर्तमान मे इंदौर निवासी हैं
आरोपी द्वारा बिलहरी जबलपुर स्थित एसबीआई एटीएम में 6 वारदातों को अंजाम दिया गया है । साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम देना बताया गया है। आरोपी के विरूद्व थाना गोराबाजार में अपराध पंजीवद्व किया गया है । आरोपी से दो मोबाईल फोन सिम कार्ड, बैंक पासबुक, चैकबुक, एटीएम कार्ड जप्त किये गये है।