हिंदु नववर्ष गुड़ीपड़वा पर काव्य गोष्ठी

शेयर करें:

बड़वानी @ अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई बड़वानी द्वारा आशा ग्राम मार्ग स्थित विट्ठल साख सहकारी संस्था में आज दोपहर 2 बजे, उत्कर्ष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता, एवं प्रबोध मिश्र हितैषी तथा देवेन्द्र कुमार दसौंधी के मुख्य आतिथ्य में चौत्र शुक्ल प्रतिपदा पर नववर्ष के अभिनन्दनानार्थ काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। धार से पधारे कवि प्रधुम्न शर्मा ‘‘भानु‘‘ने अपनी वीर रस से पूर्ण रचना प्रस्तुत की –
चाणक्य के बेटे हो क्यूँ भूलते हो चोटी में, स्वाभिमान की गठान होना चाहिए। इस पार रहकर जो उस पार की जय बोले, उसे जड़ से उखाड़ देना चाहिए।

सियाराम रावत ने काव्यपाठ किया।
प्रबोध मिश्र हितैषी ने नव संवत्सर दोहे प्रस्तुत किए
नव संवत्सर नव किरण, चौत्र शुक्ल का साज।
भारतीय काल गणना, जग भर को हैं नाज।।
पर्व गुड़ीपड़वा मने, महाराष्ट्र औ देश।
शांति औ खुशी हो उदय सब कुछ बने विशेष।।

राजीव वर्मा ने अपनी रचना नववर्ष सुनाई –
पल दो पल को नया साल है
बाद में तो वही आदमी फटेहाल है
मत पूछ के क्या हाल है ?
सर से उड़े जा रहें बाल हैं।
अमीर और हुआ जा रहा अमीर
गरीब की नोंची जा रही खाल है।

इस अवसर पर सुनीता शुक्ला, सुनील पुरोहित, राजीव वर्मा, विवेक श्रोत्रिय, गजेंद्र अकोले, प्रधुम्न शर्मा भानु, उत्कर्ष कुमार श्रीवास्तव, प्रबोध मिश्र, देवेंद्र दसौंधी,गोष्ठी का सफल संचालन विवेक श्रोत्रिय ने किया।