राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में चर्चा पर पीएम नरेंद्र मोदी का जवाब

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लोकसभा में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर बोलते हुए पीएम ने कहा, अगर सरदार पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बने होते तो कश्मीर के नहीं होते टुकड़े। कहा, देश को कांग्रेस से लोकतंत्र का पाठ सीखने की ज़रुरत नहीं। कांग्रेस द्वारा एक परिवार के हितों की खातिर राष्ट्रहित दांव पर लगाने के लिए कड़ी आलोचना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस द्वारा विभाजनकारी राजनीति करने की आलोचना की। पीएम ने कहा, कांग्रेस द्वारा फैलाए गए विभाजन के ज़हर का ख़ामियाज़ा आज भी देश का हर नागरिक भुगत रहा है। प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की बीते साढ़े तीन साल की उपलब्धियों का ज़िक्र किया। कहा, हमारे युवाओं में ऊर्जा और उत्साह से हैं लबरेज, और सरकार ने मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को लगाये पंख।

मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं को लगाये पंख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा का जवाब दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल अगर देश के पहले प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर समस्या नहीं होती। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के बंटवारे के जहर की कीमत आज भी देश चुका रहा है। उन्होनें कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी एक दिन भी ऐसा नहीं जाता है जब उसकी सजा सवा सौ करोड़ देशवासियों को न भुगतना पड़ती हो।

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को करारा जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की बात करने के लायक नहीं है। कांग्रेस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी ही पार्टी के आंध्र प्रदेश के दलित मुख्यमंत्री का अपमान किया था। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि सिर्फ चुनावों की वजह से जल्दबाजी में आंध्र प्रदेश का विभाजन किया गया था। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड्गे द्वारा की गई शायरी पर चुटकी लेते हुए कहा कि अच्छा होता अगर वो उसी शायरी की पहले की दो पंक्तियां सुन लेते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मध्यमवर्गीय परिवार का नौजवान आज नौकरी की भीख मांगने वालों में से नहीं, बल्कि सम्मान के साथ अपने बलबूते पर जीना चाहता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष साल 2022 की हमारी योजनाओं पर सवाल उठा रहा है, लेकिन इसका कारण उनका देश के लिए कभी बड़ा सोचना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ग़रीबों के स्वास्थ्य को ध्यान में रख कर हम आयुष्मान भारत योजना लेकर आए हैं, लेकिन विपक्ष इस पर भी हमारी आलोचना करने में लगा है।