पीएम नरेंद्र मोदी ने ज़ोजिला टनल का किया शिलान्यास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह में एक ऐसी सुरंग की नींव रखी है, जो अब तक की देश में सबसे लंबी होगी. इसके बन जाने के बाद ज़ोजिला दर्रा पार करने में मुश्किल नहीं होगी और सर्दी के मौसम में भी सड़क के ज़रिए करगिल और लेह पहुंचा जा सकेगा. जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री का दौरा कई विकास कार्यों को साथ लेकर आया. लद्दाख क्षेत्र में प्रधानमंत्री के लेह पहुंचते ही लोगों का एक लंबा इंतज़ार ख़त्म हो गया.

खुशी बस इतनी कि आने वाले दिनों में लेह की एक बड़ी मुश्किल आसान हो जाएगी. अब ज़ोजिला दर्रे की बर्फ सर्दियों में लेह का रास्ता नहीं रोक पाएगी. प्रधानमंत्री ने लेह में एक कार्यक्रम में करगिल ज़िले के द्रास में ज़ोजिला दर्रे पर बनने वाली सुरंग की आधारशिला रखी.  जीवेत्सल में सुंरग निर्माण कार्य शुरू करने के मौके पर प्रधानमंत्री ने लद्दाख के जाने-माने चिंतक, समाजसेवी और राजनीतिज्ञ, धार्मिक नेता कुशाक बकूला की 100वीं जयंती समारोह पर आयोजित समापन कार्यक्रम में भी शिरकत की. साथ ही कुशाक बकूला के योगदान को सराहा.

लद्दाख क्षेत्र के लिए अहम 14.2 किमी लंबी ज़ोजिला सुरंग निर्माण पर करीब 7 हज़ार करोड़ की लागत आएगी. इस सुरंग के बनने से श्रीनगर, करगिल और लेह के बीच सभी मौसम में संपर्क बना रहेगा और ज़ोजिला से गुजरने में लगने वाला वक्त 3.5 घंटे से घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा. प्रधानमंत्री ने इसे इस क्षेत्र के विकास और पर्यटन के लिए अहम बताया. प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र साथ मिलकर काम कर रही है यही वजह है कि एक ही दिन में राज्य को लगभग 25 हज़ार करोड़ की विकास योजनाएं मिल रही हैं.

इस मौक़े पर मौजूद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य के प्रति केंद्र के ख़ास प्रयासों को बताया तो उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को लेकर केंद्र हमेशा तत्पर है. साथ ही राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सड़क मार्ग की तकनीक में अपनी तरह की अलग ज़ोजिला सुरंग को राज्य के सभी क्षेत्रों के आपसी संपर्क के लिए अहम बताया.

ज़ोजिला सुरंग परियोजना को पूरा करने के लिए सात साल का लक्ष्य तय किया गया है. सामरिक दृष्टि से इसका काफी महत्व है. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री का ख़ासा ज़ोर हिमालय क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने और आधारभूत संरचनाओं को मज़बूत करने पर रहा है.