पीएम मोदी यूरोप के तीन देशों की यात्रा पर रवाना

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्‍वीडन, ब्रिटेन और जर्मनी की यात्रा के लिए रवाना हुए. उनकी यात्रा का मकसद व्‍यापार और निवेश तथा अन्‍य प्रमुख क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाना है. अपनी यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री स्‍टॉकहोम में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्‍मेलन में हिस्सा लेंगे.

ब्रिटेन और स्वीडन की यात्रा पर जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दौरे के पहले चरण में स्वीडन पहुंचेंगे. जहां वे स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टेफान ल्योव्हेन और स्टॉकहोम में नॉर्डिक नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. दोनों देशों के बीच नवोन्मेष, सतत विकास और आपसी रिश्तों को मजबूती प्रदान करने के मुद्दों पर चर्चा होगी.

भारत के मेक इन इंडिया अभियान को लेकर स्वीडन ने काफी सकारात्मक रुख अपनाया है. विश्व भारत को बड़े बाजार के रूप में देखता है और स्वीडन भी इससे अछूता नहीं है. शायद यही वजह है कि 160 से ज्यादा स्वीडिश कंपनियां भारत में काम कर रही हैं.

दोनों देशों के बेहतर संबंध एक दूसरे के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में स्वीडन की विशेषज्ञता भारत के लिए अक्षय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकती है, जबकि भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और मेक इंडिया अभियान स्वीडन के लिए व्यापार के अवसरों को बढ़ाती है.

अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को स्वीडन के राजा कार्ल गुस्ताफ (16वें) से मुलाकात करने के साथ स्वीडिश प्रधानमंत्री के साथ राउंड टेबल बातचीत और व्यापारिक समुदाय के लोगों से चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्डिक-भारत शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे जिसमें डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के हिस्सा लेने की संभावना है.

अपनी स्वीडन यात्रा के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे. स्वीडन में भारतीय समुदाय के करीब 30,000 लोग रहते हैं, जो वहां के विकास में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेशी दौरों के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों से जरूर मिलते हैं जो विदेश नीति का एक हिस्सा है. स्वीडन में भारतीय समुदाय के लोगों से मिलकर प्रधानमंत्री उन्हें दूसरे देश में अपनेपन का अहसास कराएंगे.