पीएम मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से की मुलाकात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आपसी हितों से जुड़े मामलों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और म्यांमा के बीच आज 8 क्षेत्रों में सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर हुए। भारत के चुनाव आयोग और म्यांमा के यूनियन इलेक्शन के बीच समझौता हुआ है।

इसके अलावा 2017 से 2020 के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम, म्यांमार प्रेस परिषद और भारतीय प्रेस परिषद, भारत-म्यांमा सूचना प्रोद्यौगिकी कौशल प्रोत्साहन केंद्र के गठन, एमआईआईटी के गठन, चिकित्सकीय उद्पादों पर नियंत्रण पर सहयोग, स्वास्थ्य और औषधी के क्षेत्र में सहयोग और यामेथिन स्थित महिला पुलिस प्रक्षिक्षण केंद्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय के म्यांमार दौरे पर हैं।

नाय पी ताव पहुंचने पर राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया । बाद में पीएम ने म्यांमार के राष्ट्रपति से मुलाकात की और आपसी हितों के मसलों पर चर्चा की। पीएम ने म्यांमार को ‘भारत का करीबी दोस्त’ भी कहा। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान कई समझौतों पर हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है।

इसके अलावा वे बगान शहर की यात्रा भी करेंगे जहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने आनंदा मंदिर का मरम्मत कार्य किया है। बागान म्यामांर का प्रमुख पर्यटन आकर्षण है। पीएम यंगून के काली मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। प्रधानमंत्री का अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के मकबरे पर श्रद्धांजलि देने जाने का भी कार्यक्रम है।

केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के साथ ही पूर्वी एशियाई देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए एक्ट ईस्ट पालिसी पर जोर दिया जा रहा है। उसी को आगे बढाते हुए पीएम मोदी अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर म्यांमार की राजधानी नाय पी ताव पहुंच गए हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 में आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने म्यामांर गए थे।

नाय पी ताव पहुंचने पर राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। पीएम को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इसके बाद पीएम ने राष्ट्रपति से मुलाकात की और आपसी हितों के मसलों पर चर्चा की। बाद में राष्ट्रपति ने उनके लिए भोज का आयोजन किया। पीएम ने इस यात्रा से दोनों देशों के संबंधों के नये उज्ज्वल अध्याय के शुरू होने का विश्वास जताया है। दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक उपायों, कारोबार एवं निवेश, कौशल विकास, आधारभूत ढांचा एवं ऊर्जा तथा संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने को इच्छुक हैं।