पीएम मोदी ने राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति का किया शुभारंभ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्‍ली में विश्व जैव ईंधन दिवस कार्यक्रम में शिरकत की. उन्होंने इस मौके पर राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति की पुस्तिका का विमोचन किया. साथ ही प्रधानमंत्री ने पर्यावरण मंत्रालय के डिजिटल प्लेटफॉर्म परिवेश को भी लॉन्च किया.

इस पोर्टल के जरिए पर्यावरण, वन और पर्यावरण संबंधी मंजूरी आसानी से मिल सकेगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांव, ग्रामीण सहित देश के सभी लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रयासरत है, ऐसे में बायोफ्यूल पर्यावरण के साथ-साथ देश के लिए भी लाभदायक होगा.

पराली को जलाने से होने वाला प्रदूषण हो या गांव में लगने वाले कूड़े-कचरे के ढेर, बांस हो या फिर कोई घास, सड़े-गले कृषि उत्पाद हों या फिर कोई ख़राब फसल, जो मानकों पर खरी नहीं उतरती. ये सब अनुपयोगी माने जाने वाले उत्पादों का अब होगा सही इस्तेमाल.

इनसे जैव ईंधन तैयार कर किसानों को परेशानियों से मुक्ति दिलाई जाएगी. साथ ही ये देश के ईंधन पर खर्च होने वाली रकम में भी बचत करेगा. प्रधानमंत्री ने विश्व जैव ईंधन दिवस पर विज्ञान भवन में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 की पुस्तिका का विमोचन किया. साथ ही उन्होंने कहा कि बायोफ्यूल भारत को ही नहीं बल्कि विश्व को नई ऊर्जा देगा.

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पर्यावरण मंत्रालय के डिज़िटल प्लेटफॉर्म परिवेश को भी लॉन्च किया. इस पोर्टल के जरिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन संबंधी मंजूरी आसानी से मिल सकेगी. साथ ही उन्होंने ओडिशा में बनने वाले पहले प्रोजेक्ट को मंजूरी भी दी.

बायोफ्यूल के लिए सरकार ने देशभर में 12 आधुनिक रिफाइनरी बनाने की योजना बनाई है. साथ ही एथेनॉल के उत्पादन से देश अगले चार साल में इसे 12 हज़ार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की कृषि नीतियों और विकास कार्यक्रम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जो पिछली सरकारों की नीयत और नीति से कहीं आगे हैं.

प्रधानमंत्री ने इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गन्ना वेस्ट के मूल्य में सरकार द्वारा की गई बढोतरी का भी ज़िक्र किया. उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को 2030 तक 20% तक बढ़ाने और बायोडीज़ल मिश्रण को 5 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई. प्रधानमंत्री ने किसानों, वैज्ञानिकों और उद्यमियों से बायोफ्यूल के लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी का आह्वान भी किया.