पीएम मोदी ने ओडिशा के झारसुगुडा में एयरपोर्ट का किया उद्घाटन

शेयर करें:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के झारसुगुडा में नए एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, साथ ही कई विकास परियोजनाओं की भी राज्य के लोगों को सौगात दी. प्रधानमंत्री ने ओडिशा दौरे पर झारसुगुडा एयरपोर्ट का लोकार्पण किया. इस हवाई अड्डे की ज़रूरत और मांग काफी समय से थी लेकिन पश्चिमी ओडिशा के लिए अहमियत रखने वाला ये हवाई अड्डा यात्रियों के लिए नहीं बन पा रहा था.

कई बार योजनाएं बनी और हर बार परवान चढ़ ना सकी. अब ये हवाई अड्डा बनकर तैयार है, इसकी बदौलत इस इलाक़े में पहुंचना आसान होगा. लोगों को भुवनेश्वर से 6-7 घंटों की सड़क मार्ग से यात्रा नहीं करनी पड़ेगी. साथ ही इसके चालू होने से इस क्षेत्र में पर्यटन विकास भी होगा.

प्रधानमंत्री ने झारसुगुडा-सालदेगा रेलवे लिंक का भी उद्घाटन किया. ये रेलवे लाइन खास तौर पर कोयला परिवहन के लिए बनाई गई है, लेकिन इसका फायदा यात्रियों को भी मिलेगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने दो बड़ी कोयला खदानों की भी शुरुआत की.

इनमें से एक खदान महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा गर्जनबहल में संचालित की जाएगी तो दूसरी एनटीपीसी के द्वारा दुलंगा में संचालित की जाएगी. दुलंगा की खदान एनटीपीसी द्वारा राज्य में संचालित की जाने वाली पहली खदान होगी. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर संतुलित विकास को अहम बताया. उन्होंने कहा कि पूर्वी भारत के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है.

प्रधानमंत्री ने तालचेर खाद कारखाने का किया कार्यारंभ

प्रधानमंत्री ने दशकों से बंद पड़े तालचेर खाद कारखाने के जीर्णोद्धार की शुरुआत की. अंगुल ज़िले में स्थित इस कारखाने से रोज़गार मिलने के साथ-साथ किसानों के लिए भविष्य में खाद आपूर्ति में भी सहायक होगा. 13 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से इस कारखाने का पुनरुत्थान किया जाएगा.

प्रधानमंत्री ने के साथ केंद्रीय मंत्री जुअल ओराम, धर्मेन्द्र प्रधान और राज्य के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी मौजूद थे. प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि देश को स्पष्ट नीति, नई ऊर्जा के साथ तेज़ गति से विकास करना है. यह देश का पहला कोयला गैस आधारित उर्वरक संयंत्र होगा. इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता 10 लाख टन यूरिया की होगी.

प्रधानमंत्री ने तालचेर में जनसभा को किया संबोधित

तालचेर में ही प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया. उन्होंने तालचेर को माता हिंगोला की धरती बताया साथ ही कहा कि यहां की वीरता और पराक्रम जगज़ाहिर है. प्रधानमंत्री ने अग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ने वाले राजा सोमनाथ सिंह को याद किया.

उन्होंने कहा कि तालचेर खाद कारखाना पिछली सरकारों की नीतियों की असफ़लता का प्रतीक बना हुआ था. प्रधानमंत्री ने कहा कि 2009 में जीर्णोद्धार का फ़ैसला होने के बावजूद इसका काम अटका ही रहा. प्रधानमंत्री ने विश्वास दिलाया कि मौजूदा केंद्र सरकार पिछड़ों, ग़रीबों और वंचितों के विकास में ज़रूरी सभी काम करती रहेगी.

उन्होंने कहा कि केंद्र की जनधन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला और बीमा योजनाओं का सीधा लाभ ज़रूरतमंदों तक सीधे पहुंच रहा है. प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की नीतियों पर हमला करते हुए कहा कि देश में अब हालात बदल चुके हैं. ग़रीबों के लिए केंद्र से चला 1 रुपया यानि पूरा 100 पैसा उन तक पहुंच रहा है.