पीएम मोदी ने मिर्ज़ापुर को दी कई विकास परियोजनाओं की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मिर्ज़ापुर में 40 साल से अटकी बाणसागर परियोजना का लोकार्पण किया. इस नदी घाटी परियोजना से विन्ध्य और इलाहाबाद क्षेत्र के सूखे इलाक़ों में पानी की उपलब्धता हो सकेगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने एक मेडिकल कॉलेज और बेलन नदी पर बनने वाले पुल का शिलान्यास भी किया.

पूर्वी उत्तर प्रदेश में समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री ने मिर्ज़ापुर में बाणसागर परियोजना का लोकार्पण किया. मध्य प्रदेश ज़िले के शहडोल में सोन नदी पर बने बांध से पानी को 170 किमी नहरों के ज़रिए विन्ध्य क्षेत्र तक पहुंचाने की कवायद पिछले 40 साल से बाट जोह रही थी.

इससे ख़ासतौर पर तकरीबन 1.50 हेक्टेयर ज़मीन की सिंचाई इलाहाबाद और मिर्ज़ापुर में हो सकेगी. इस परियोजना के लिए यूं तो 1978 में 300 करोड़ की लागत की स्वीकृत की गई, लेकिन बाद में ये लटकती ही रही और अब ये कुल 3,420 करोड़ की लागत से पूरी हुई है.

लंबे समय से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर रहने वाले लोगों की मांग को पूरा करते हुए प्रधानमंत्री ने बेलन नदी पर बनने वाले पक्के पुल साथ ही इलाहाबाद-मिर्ज़ापुर के राष्ट्रीय राजमार्ग-76ई के चौड़ीकरण और उच्चीकरण का भी शिलान्यास किया. उन्होंने राज्य में 100 जनऔषधि केंद्रों का लोकार्पण किया.

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उन्होंने कहा कि ये सब सामान्य जनमानस की बेहतरी के लिए योजनाएं हैं. प्रधानमंत्री ने पहले की सरकारों पर भेदभाव वाली नीति अपनाने का आरोप भी लगाया. केंद्र की जन-धन, उज्ज्वला, उजाला सब ग़रीब और ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए हैं.

उन्होंने जनहित के लिए कई नीतिगत फैसलों में बदलाव का भी ज़िक्र किया. साथ ही कहा कि बांस जैसे किसान के उपयोग वाले पौधे को सरकार ने नीतिगत फैसले के ज़रिए ही जनोपयोगी बना सभी तक पहुंचाया.