पीएम मोदी और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में लिया हिस्सा

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पश्चिम बंगाल में गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह कोलकाता स्थित शांति निकेतन पहुंचे। इस मौक़े पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री की अगवानी की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति निकेतन में अपनी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना के साथ मुलाकात की और उनका स्वागत किया और उसके बाद दोनों नेताओं ने यहां विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम के लिए विशेष तौर पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आई हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं। दोनों ही नेताओं ने विश्व बंधुत्व और शिक्षा का प्रसार करने वाले विश्वविद्यालय में महात्मा बुद्ध को श्रृद्धासुमन अर्पित किए।

इसके बाद दोनों ही नेता दीक्षांत समारोह स्थल पर पहुंचे। जहां उनका पारंपरिक तौर पर स्वागत किया गया और फिर वैदिक मंत्रोचार के साथ दीक्षांत समारोह शुरू हुआ। शांति निकेतन में प्रधानमंत्री ने भारतीय परंपरा के ज्ञान को आज की 21वीं सदी की कई चुनौतियों के लिए प्रासंगिक बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा विश्व बन्धुत्व की भावना में विश्वास रखता है और यही वजह है कि विश्व भारती के दीक्षांत में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री भी मौजूद हैं। दीक्षांत समारोह के बाद दोनों ही प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय परिसर में ही नवनिर्मित बांग्लादेश भवन का उद्घाटन किया। इस भवन में बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम की झलकियों को सहेजा गया है।

दरअसल, बांग्लादेश को एक राष्ट्र का दर्ज़ा दिलानें में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश भवन को दोनों देशों की साझा विरासत का प्रतिरूप बताया। उन्होंने बांग्लादेश के साथ सहयोग बढ़ाने की ओर कई क़दमों का ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दे आसानी से सुलझ रहे हैं और भारत बांग्लादेश के विकास में बढ़चढ़ कर सहयोग दे रहा है।