बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर पीएम ने जताई खुशी

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देश में ढाचागत विकास को और ज्यादा गति देने के लिए पीएम मोदी ने विकास परियोजनाओं की समीक्षा की. जहां देश में मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट के लिहाज़ से सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों की रफ्तार और बढ़ाने पर बात हुई तो शहरों की बुनियादी सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर भी पीएम मोदी ने निर्देष दिए

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश के बुनियादी ढांचे के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम सुविधाओं को पहुंचाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है. खुद पीएम नरेंद्र मोदी इन सारी योजनाओं की समय-समय पर समीक्षा करते रहते हैं. गुरुवार को बारी थी बुनियादी ढांचे से जुड़ी तमाम परियोजनाओं की, जिनमें सड़क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्रामीण आवास, शहरी आवास, रेलवे, हवाई अड्डा और बंदरगाह क्षेत्र से जुड़ी तमाम योजनाएं शामिल हैं. करीब दो घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में बुनियादी ढांचे से जुड़े मंत्रालयों, नीति आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्‍सा लिया.

सड़क निर्माण

पिछले चार सालों में सड़क निर्माण के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण प्रगति हुई है. वित्‍त वर्ष 2017-18 के दौरान औसतन प्रतिदिन 26.93 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ, जबकि इसकी तुलना में वित्‍त वर्ष 2013-14 में रोजाना 11.67 किलोमीटर सड़क का निर्माण होता था.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण सड़कों से अब 88 फीसदी रिहायशी इलाके जुड़ चुके हैं. 2014 से 2018 के दौरान 44 हजार गांव इन सड़कों से जुड़े हैं, जबकि उसके पहले चार सालों में 35 हजार गांव ही इन सड़कों के माध्‍यम से जुड़ पाए थे. सड़क की जीआईएस मैपिंग का काम चल रहा है और अब तक 20 राज्‍यों ने भूस्थानिक ग्रामीण सड़क सूचना प्रणाली (जीआरआरआईएस) को अपनाया है.

रेल संपर्क

रेल क्षेत्र में भी महत्‍वपूर्ण प्रगति हुई है. नई रेल पटरियां बिछाई गई हैं और कई रेलमार्गों का दोहरीकरण किया गया है. 2014 से 2018 के बीच 9,528 किलोमीटर रेल पटरियों का निर्माण हुआ है, जो इससे पहले के चार सालों की तुलना में 56 फीसदी ज्‍यादा है.

विमानन क्षेत्र

विमानन क्षेत्र में हवाई जहाज से यात्रा करने वालों की संख्‍या में पिछले चार सालों यानि 2014 से 2018 के बीच में 62 फीसदी का इजाफा हुआ है, जो कि इसकी समान अवधि के पिछले चार सालों में यह 18 फीसदी रहा था. उड़ान योजना के तहत टू और थ्री टियर के शहरों में 27 नए हवाई अड्डे खुले हैं और संचालित हो रहे हैं.

पोत परिवहन

बन्‍दरगाह क्षेत्र में 2014 से 2018 के दौरान यातायात में 17 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

ग्रामीण आवास क्षेत्र

बात अगर गावों में बनने वाले घरों की करें तो 2014 से 2018 के दौरान एक करोड़ से ज्‍यादा आवासों का निर्माण हुआ है, जबकि इससे पहले के चार सालों में करीब 25 लाख ही घर निर्मित किए जा सके थे. आवास निर्माण और इससे संबंधित क्षेत्र में तेजी आने की वजह से रोजगार बढ़े है.

निर्माण में लगने वाले समय में तेजी से कमी आई है. 2015-16 के दौरान आवास निर्माण में 314 दिन लगते थे, जबकि यही काम 2017-18 में 114 दिनों में पूरे कर लिए गए. ऐसे किफायती घरों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, जो आपदा से निपटने में कारगर हैं. इसके लिए इनके डिजाइन पर खास ध्‍यान दिया जा रहा है.

वहीं अगर शहरी आवास क्षेत्र को देखें तो इस क्षेत्र में नए निर्माण तकनीकी को अपनाने पर सरकार का जोर है. प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के शुरू होने से लेकर अब तक इस योजना के तहत 54 लाख आवासों को मंजूरी दी गई है.

प्रधानमंत्री को परिवहन क्षेत्र में डिजिटलीकरण को लेकर हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी है. अब तक 24 लाख रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइसिस (आरएफआईडी) टैग जारी किये गये हैं और इलेक्‍ट्रॉनिक टोल कलेक्‍शन से 22 फीसदी से ज्‍यादा टोल राजस्‍व हासिल हुआ है.

प्रधानमंत्री ने इलेक्‍ट्रॉनिक टोल कलेक्‍शन के क्षेत्र में तेजी से काम करने का सुझाव दिया है. कुल मिलाकर सरकार का जोर गांव, गरीब, किसान की खुशहाली के जरिए न्यू इंडिया के निर्माण पर है और हर क्षेत्र में प्रगति ये बता रही है कि कैसे भारत बदल रहा है.