पीएम ने भारत-कोरिया व्यापार सम्मेलन को किया संबोधित

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प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था के लिए डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमांड का दिया मंत्र। भारत-कोरिया व्यापार सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा, दोनों देशों के पास मिलकर काम करने की बड़ी क्षमता।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राजधानी दिल्ली में भारत-कोरिया बिज़नेस सम्मिट को संबोधित किया। भारत-कोरिया के बीच यह दूसरा शिखर सम्मेलन है। सम्मेलन में पीएम मोदी ने 3-डी यानी ..डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमांड का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत जलवायु संरक्षण के लिए तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है। और सरकार की नीतियों की वजह से देश की विकास रफ्तार में तेज़ी आ रही है।

कोरिया के साथ बेहतर संबंधों पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया व्यापारिक क्षेत्र में और बेहतर साझेदारी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि क्षेत्र में समृद्धि और स्थिरता बनाए रखने में भारत और कोरिया की अहम भूमिका है।

दिल्ली में चल रहे भारत-कोरिया बिज़नेस समिट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने भारत-कोरिया के बीच व्यापारिक संबंधों का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच समानताओं का जिक्र किया। समिट को वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु और उद्योग जगत के कई प्रतिनिधियों ने संबोधित किया।

भारत-कोरिया के बीच बढ़ते व्यापारिक संबंधों के बीच दिल्ली में आयोजित दूसरे शिखर सम्मेलन में प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभावनाओं की नई इबारत लिखी। भारत और कोरिया के बीच सालों से चले आ रहे मजबूत और पारंपरिक संबंधों को मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री ने बुद्ध से बॉलीवुड और दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच कई समानताएं हैं। उन्होंने निवेश की अपार संभावनाओं पर बात करते हुए कहा कि भारत के पास अर्थव्यवस्था के सभी तीन फैक्टर एक साथ मिलते हैं।

देश में व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल क्रांति से नया भारत का उदय हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि खरीदने की क्षमता के आधार पर भारत पहले ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही भारत जीडीपी के मामले में दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। इसके साथ ही भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था हैं और सबसे बड़े स्टार्टअप इको-सिस्टम वाले बड़े देशों में से एक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था को बढ़ावा दिया है।

भारत कोरिया शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु ने भी संबोधित किया उन्होंने कहा कि देश में बदलाव लाने के लिए हम कोरिया को सहभागी बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सरकार ने लगभग सभी कोनों को खोल रखा हैं।

शिखर सम्मेलन में आए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी भारत-कोरिया के बीच व्यापार के अपार संभावनाओं पर बात की। उनका कहना था कि भारत-कोरिया मिलकर वैश्विक स्तर पर व्यापार को बढ़ा सकते हैं। भारत-कोरिया के बीच यह दूसरा व्यापार सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इस वर्ष सम्मेलन का विषय – भारत-कोरिया “व्यापार और निवेश माध्यम से विशेष रणनीतिक संबंध को बढ़ावा” देना है।