चीन की जनता में कोरोना से ज्यादा भय मृत्युदंड तक की कड़ी कार्रवाई का था

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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है। दुनिया के 165 से ज्यादा देश इस जानलेवा बीमारी की जद में हैं। इटली में इस वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। भारत में भी लगातार इसके मामले बढ़ते जा रहे हैं। पूरी दुनिया में अब तक 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, दो लाख 75 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं।

कोरोना का सबसे ज्यादा प्रकोप झेल रहा था चीन

एक समय था जब चीन कोविड-19 का सबसे ज्यादा प्रकोप झेल रहा था। वुहान में एक दिन में हजारों लोग संक्रमित हो रहे थे। लोगों की जानें जा रही थीं। सभी अस्पताल भरे हुए थे। लाखों लोग घरों में कैद थे। वुहान में इमरजेंसी लगी हुई थी। शहर को लॉकडाउन कर दिया गया था।

फिर अचानक ही खाली होने लगे अस्पतालों के बेड

फिर कुछ दिन बाद चीन में अचानक ही कोरोना वायरस के मामलों में कमी आने लगी। अस्पतालों के बेड खाली होने लगे। संक्रमित मरीज पूरी तरह ठीक होकर घर जाने लगे। चीन के लिए राहत भरी खबर तब आई जब देश में एक भी स्थानीय मामला सामने नहीं आया। और पिछले तीन दिनों से यही हो रहा है।

तीसरे दिन भी कोई स्थानीय मामला नहीं

चीन में लगातार तीसरे दिन कोरोना वायरस को कोई नया स्थानीय मामला सामने नहीं आया है। चीन ने पूरी तरह से इस जानलेवा वायरस पर रोक लगा दी है। हालांकि, अभी भी देश में आयातित (विदेश से आए लोग) मामले सामने आ रहे हैं।

कोई इलाज न होने के बाद भी कैसे लगाई रोक

सभी जानते हैं कि अभी तक इस जानलेवा बीमारी को कोई इलाज नहीं है, तो जहन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर चीन ने इसपर रोक कैसे लगाई? हम आपको बता रहे हैं कि बिना दवा चीन ने इस बीमारी पर कैसे काबू पाया।

  • डब्ल्यूएचओ के अनुसार एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से 2.6 लोग संक्रमित हो सकते हैं।
  • प्रसार की 10 पीढ़ियों (संक्रमितों के संपर्क में आना) के बाद पांच से छह दिन में ही यह वायरस एक दिन में 3500 लोगों में फैल जाता है।
  • चीन ने सबसे पहले प्रसार की इस पीढ़ी को तोड़ा। उसने चैन ब्रेक करने के लिए लोगों के बाहर निकले पर रोक लगा दी।
    कहने के लिए चीन में लाखों लोग घरों में कैद थे, शहर लॉकडाउन थे लेकिन यह वायरस के प्रसार की चैन तोड़ने का तरीका था।
  • लॉकडाउन को कुछ लोगों ने व्यक्तिगत अधिकार का उल्लंघन बताया। लेकिन लोगों की सुरक्षा के हिसाब से यह बदलाव जरूरी था।
  • अमेरिका में हुए 9/11 हमले के बाद दुनिया के सभी एयरपोर्टों पर यात्रियों की ड्रैकनियन (कठोर) सुरक्षा जांच शुरू कर दी।
  • एयरपोर्ट के उन सुरक्षा नियमों को लोगों ने माना क्योंकि जनहित के लिए कुछ अधिकारों को त्याग किया जा सकता है।
  • चीन ने सबसे कठोर नियमों के साथ लोगों को घरों में पृथक कर दिया। ऐसा किसी भी देश के इतिहास में नहीं हुआ था।
  • कंपनी और फैक्ट्रियों को बंद कर दिया, सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट पर रोक लगा दी, लोगों को घरों में कैद कर दिया।
  • ऐसा करते ही कोरोना वायरस के दैनिक मामलों में कमी आनी शुरू हो गई। इस वायरस का प्रसार अचानक ही कम हो गया।
  • इस तरह चीन ने लाखों मामलों पर रोक लगा दी और हजारों लोगों की जानों को बचा लिया।
  • लोगों को घरों में बंद करने का असर यह हुआ कि पिछले तीन दिनों में चीन में एक भी कोरोना को स्थानीय मामला नहीं आया है।

भारत में जितने 40 दिन में अब उतने एक दिन में संक्रमित मरीज

  • भारत में पहले 40 दिनों में कोरोना वायरस के एक से लेकर 50 तक मामले सामने आए।
  • फिर चार दिनों में देश में संक्रमित मरीजों की संख्या 50 से बढ़कर 100 तक हो गई।
  • अगले चार दिनों को संक्रमितों की संख्या 100 से बढ़कर 150 पर पहुंच गई।
  • उसके बाद यह वायरस तेजी से फैलने लगा और अगले दो दिन में मरीजों की संख्या 150 से बढ़कर 200 हो गई।
  • पिछले एक दिन में कोविड-19 के मरीजों की संख्या 200 से 250 के ऊपर चली गई है।
  • पहले 40 दिन में 50, अगले चार दिन में 50, फिर चार दिन में 50, अगले दो दिन में 50 और एक अब एक दिन में 50 से ज्यादा लोग संक्रमित हो रहे हैं।
  • अब भारत भी कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए चीन की तरह कदम उठा सकता है। उसी पहल के साथ पीएम मोदी ने रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील की है।

सुधांशु पाल बतते है कि मैं चीन के शंघाई शहर में रहता हूँ और जब ये कोरोना वायरस शुरू हुआ था तब मैं चीन में ही था। मैंने हर दिन के साथ वायरस को शुरू होने से एक बड़ी बीमारी में बदलते देखा है। अब मैं आपको बताता हूँ कि चीन ने कैसे वायरस को स्टेज 3 में आने के बाद भी 2 महीनों में ही कंट्रोल कर लिया था। इसके3 कुछ बड़ी वजह ये है—

  • चीन की सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति। जैसे ही चीन की सरकार को लगा कि इस वायरस की वजह से चीन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि खराब हो रही है। इसी वजह से चीन ने अपने सारे रिसोर्सेज इसी काम मे लगा दिए थे। और मुझे बताने की जरूरत नही है कि चीन पे पास जो टेक्नोलॉजी है वो और किसी के पास नही है। (वुहान में 10 दिनों में 1000 बेड का अस्पताल इसका एक शानदार उदाहरण है)
  • चीन में लोग हर वो नियम मानते है जो वहाँ की सरकार बनाती है। इसीलिए जब सरकार ने सभी को घर के अंदर रहने को बोला और मास्क पहने बिना कही जाने से मना किया तो सभी लोगो ने वो नियम माना। जब उनको लगा कि वुहान में हालात ज्यादा खराब हो रहे है तो उन्होंने पूरे शहर को बन्द कर दिया। इतने कम समय मे इतना अच्छे से ऐसा करना किसी और देश मे कितना मुश्किल हो सकता है वो भी सबको पता ही है।
  • चीन ने पिछले कुछ सालों में अपना हेल्थकेयर सिस्टम बहुत अच्छा कर लिया है और चीन ने अपने हर छोटे बड़े हेल्थकेयर इंडस्ट्री में काम करने वालो को वायरस की रोकथाम के लिए लगा दिया था। इसी का नतीजा है कि चीन खुद को इतनी खराब हालत से बाहर ले चुका है।
  • आज 20 मार्च को मैं ये लिख रहा हूँ और मुझे अभी भारत से चीन वापस आये हुए सिर्फ 10 दिन हुए है। एयरपोर्ट से लेकर मेरी हाउसिंग सोसाइटी तक मे हर जगह लोगो ने टेम्परेचर चेक किया। 14 दिनों तक मै अपने घर से बाहर नही जा सकता। हर चीज के लिए ऑनलाइन अरेंजमेंट किआ हुआ है। जिससे कोई भी परेशानी ना हो। 14 दिनों के बाद भी घर से बाहर निकलने से पहले मास्क पहनना पड़ेगा। घर, आफिस, सुपरमार्केट, मेट्रो, बस, ट्रैन हर जगह घुसने से पहले टेम्प्रेचर चेक होता है। जिससे कि इन्फेक्टेड लोग किसी और को इन्फेक्ट ना कर पाए।

दीपांशु सिंह बतते है कि ऐसी बहुत सारी छोटी बड़ी चीजे है जो चीन ने की है जिसकी वजह से आज चीन इतनी जल्दी इतनी खतरनाक बीमारी को खत्म कर पाया। देखिये इसके लिये पहले हमे ये समझना होगा चीन किस प्रकार का देश है चीन एक कम्युनिस्ट विचार धारा वाला देश है जहा पर जनता, प्रशाशनिक व्यवस्था, कानून, नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिये बाध्य है । वहां मानवीय मूल्यों से ज्यादा रास्ट्रीय हित सर्वोपरि है इसलिये वहां हर निर्णय में सरकार का पूर्ण हस्तक्षेप होता है और उन्हे फर्क नही पड़ता कि लिये गए निर्णय का जनता पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा या नकारत्मक ।

अब बात कोरोना की तो चीन सरकार ने महामारी के दौरान पूरे शहर को सील कर दिया सभी को घर से न निकलने की हिदायत दी गयी पूरे शहर में अघोषित कर्फ्यू लगा दिया गया लोगो को पता था इसका उल्लंघन करने पर गोली मारने से भी सरकार पीछे नही हटती इसलिये सभी लोग अपनेआप को घरो में कैद कर लिया ड्रोन से पूरे शहर की निगरानी की गयी और बाहर निकलने वालो पर कड़ी कार्रवाई की गयी(मृत्युदंड तक) लोगो में कोरोना से ज्यादा भय सरकार की कड़ी कार्रवाई का था ।

किसी भी संदिग्ध की किसी भी प्रकार की जांच की जा सकती थी एक प्रकार का तानाशाही का माहौल कब क्या आदेश आ जाये कुछ पता नही लोगो को खाने के लिये पर्याप्त राशन नही था चारो तरफ भय का माहौल था कहा तो यहां तक जा रहा था कि कुछ सन्कर्मित लोगो को नियम उल्लंघन पर गोलीभी मार दी गयी सभी पब्लिक जगह को अस्थाई हॉस्पिटल बना दिये गए स्टेडियम माल ऑफिस होटल ।

इतनी कड़ाई होने से लोगो के बीच सम्पर्क कट सा गया जिससे ये वयरास लोगो के बीच फैलने से कुछ हद तक रोका जा सका । अभी भी वहां इसे काबू नही किया जा सका है बस शायद पहले से कमी आयी हो पर इस पर स्पष्ट रूप से कुछ नही कहा जा सकता क्यूंकि वहां मीडिया भी सरकार नियंत्रितकरती है। इसी से सबक लेते हुए भारत के वासियो को स्वयं इसकी रोकथाम के लिये प्रयास करना चाहिए और सरकार के निर्देश अनुसार उन जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए ।