बिना प्रकाशक व मुद्रक के नाम व पते के पम्पलेट व पोस्टर्स प्रकाशित न किए जाएं – कलेक्टर

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बैतूल @ भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 6 अक्टूबर 2018 को विधानसभा निर्वाचन 2018 के कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इस दौरान राजनैतिक दलों व संभावित उम्मीदवारों द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाता है। चुनाव प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न राजनैतिक दलों एवं उम्मीदवारों द्वारा पम्पलेट, पोस्टर्स आदि मुद्रित कराए जाते हैं।

प्रेस और पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 की धारा 3 में यह प्रावधान है कि प्रत्येक पम्पलेट, पोस्टर आदि पर मुद्रक व प्रकाशक का नाम व पता होना चाहिए। निर्वाचन के पम्पलेट, पोस्टर्स के संबंध में यही प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-क में उल्लेखित है। उक्त अधिनियम की धारा 127-क की उपधारा-2 में यह प्रावधान भी है कि प्रकाशक को अपनी पहचान के संबंध में घोषणा मुद्रक को देनी होगी जो कि उसक संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेगा।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शशांक मिश्र ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 की उपधारा-2 के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से कार्रवाई करते हुए आदेशित किया है कि जिले में कोई भी व्यक्ति ऐसा कोई पम्पलेट व पोस्टर्स मुद्रित नहीं करेगा, प्रकाशित नहीं कराएगा, वितरित नहीं करेगा और किसी प्रकार से प्रदर्शित नहीं करेगा, जिसमें प्रकाशक व मुद्रक का नाम व पता न हो। साथ ही ऐसे कोई पम्पलेट व पोस्टर्स मुद्रित, प्रदर्शित व वितरित नहीं किए जाएंगे जिनके संबंध में 127-1(क) के अंतर्गत घोषणा प्रस्तुत नहीं की गई।