“अंग प्रत्यारोपण नव जीवन की एक पहल” विषय पर पुलिस कन्ट्रोल रूम में कार्यशाला आयोजित

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बैतूल @ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रदीप मोजेस ने बताया कि आज 24 फरवरी को पुलिस कन्ट्रोल रूम में दधीचि अभियान- अंग प्रत्यारोपण से नव जीवन की एक पहल विषय पर पुलिस अधीक्षक डी.आर. तेनीवार की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला मे डी.आर. तेनीवार ने कहा कि अंगदान की प्रक्रिया को बढ़ावा देकर समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है। अंगदान उन व्यक्तियों के जीवन के लिये एक उपहार है जिन्हें अंग प्रत्यारोपण की आवश्यकता है। दुर्घटना स्थल पर पहुंचने वाला पहला अधिकारी एवं कर्मचारी पुलिस विभाग का ही होता है, जिसके द्वारा त्वरित निर्णय लिया जाकर मृतक के परिजनों को समझाईश देकर अंगदान के कार्य को कराया जा सकता है, यह पूरी तरह से हमारी क्षमता एवं कौशल पर निर्भर करता है।

कार्यशाला में डॉ. राहुल श्रीवास्तव द्वारा अंगदान की आवश्यकता, अंगदान की प्रक्रिया, भारत में अंगदान की कमी के कारण, अंगदान के प्रति उदासीनता की भावना, अंगदान की जानकारी के अभाव के दुष्परिणाम, विभन्न प्रकार की सामाजिक भ्रांतियां एवं पुलिस विभाग के सहयोग से किस प्रकार दुर्घटना में मृत व्यक्ति के परिजनों को परामर्श देकर सतर्कता एवं शीघ्रता से अंगदान एवं प्रत्यारोपण का कार्य किया जा सकता है पर प्रकाश डाला गया। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि मनुष्य द्वारा दान किये जाने वाले विभिन्न अंगो में नेत्र, ह्नदय, त्वचा, हड्डी, ऊतक, लीवर, (यकृत), किडनी (गुर्दे), आंत, फेफड़े, अगन्याशय (पेन्क्रियाज) होते हैं। मनुष्य के कुल 9 अंगों का दान किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मृत्यु की स्थिति में सम्पूर्ण देहदान भी किया जा सकता है। डॉ. श्रीवास्तव द्वारा टी.एच.ओ. (ट्रांसप्लान्टेशन ऑफ ह्यूमन ऑर्गन एक्ट 1994 की जानकारी दी गई तथा देहदान पंजीयन पत्र एवं डोनर के पंजीयन की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। अंगदान की प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला मीडिया अधिकारी श्रुति गौर तोमर ने बताया कि अंगदान ब्रेनडेड एवं प्राकृतिक मृत्यु दोनों ही स्थितियों में किया जा सकता है, इससे दान दाता के परिजनों को संतोष मिलेगा कि व्यक्ति के जाने के बाद भी व्यक्ति किसी अन्य के शरीर में जीवित रहेगा एवं अंग स्वीकारकर्ता के जीवन में उमंग एवं खुशी की लहर का संचार होगा। डॉ. राहुल श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित अधिकारियों की समस्त जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय, प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक, जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे।