अब एक क्लिक पर अधिकारी देखते हैं कि किस गांव में कब और कितना हुआ है सुरक्षित टीकाकरण

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एप आधारित तकनीक से बदल रही है भारत में टीकाकरण की तस्वीर अब एक क्लिक पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी देखते हैं कि किस गांव में कितना, कब और सुरक्षित टीकाकरण हुआ है कि नहीं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ईविन यानि इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क तकनीक का सहारा ले रहा है। ये एक मोबाईल एप है जिसे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्मार्ट फोन के जरिए चलाते है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अब एक एप के जरिए टीकाकरण की हर पहलू पर नजर रखता है। अब एक क्लिक पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी देखते हैं कि किस गांव में कितना, कब और सुरक्षित टीकाकरण हुआ है कि नहीं। ईविन नामक का ये एप टीके के तापमान को भी मॉनिटर करता है। मंत्रालय में बैठे अधिकारी सीधे इसे अपनी डैशबोर्ड पर देखते हैं।

टीको को वार्ड और गांव में भेजने के लिए भी सभी जरुरी कदम उठाए जा रहे है। टीको की जीवनरेखा कोल्ड चेन होती है। टीको को ना केवल लंबी दूरी तय करनी होती है बल्कि उन्हें सुरक्षित भी तय करना होता है। और इसे सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा स्वास्थ्य कर्मियों पर होता है। टीका अगर लोगों के घर पर ही पहुंचे तो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है।
इतने बड़े टीकाकरण कार्यक्रम को चलाना कोई आसान काम नहीं है।

इसमे सबसे जरुरी है कि सही गुणवत्ता के साथ टीका सही जगह पहुंचे और उसका कोल्ड चेन भी बना रहे। इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ईविन यानि इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क तकनीक का सहारा ले रहा है। ये एक मोबाईल एप है जिसे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्मार्ट फोन के जरिए चलाते है जिन्हें कोल्ड चेन हेंडलर कहा जाता है।

टीकों का स्टॉक, उनका तापमान ये सब इस एप में दर्ज किया जाता है। जिसकी निगरानी सीधे जिला, राज्य और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में बैठ अधिकारी रियल टाइम करते है। टीको को 2 से 8 डिग्री के तापमान पर रखा जाता है। रेफ्रीजेरेटर में खास तरह का लॉगर और सेंसर लगा है तापमान में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अलार्म बज जाता है और खास चेतावनी का एलर्ट मैसेज कोल्ड चेन तकनीशियन और संबंधित अधिकारियों के पास भेजता है।

ईविन सिस्टम से वैक्सीन खराब होने के साथ यह भी पता चल जाता है कि वो कहां और कैसे खराब हुआ। इस तकनीकके जरिए टीकाकरण की व्यवस्था में पारदर्शिता और जबाबदेही तय हुई है। ईविन के बाद टीको की उपलब्धता 95 फीसद तक हो गई है।

अभी ईविन सिस्टम देश के बारह राज्यों के 371 जिलों में चलाया जा रहा है। अगले दो साल में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इसे पूरे देश में लागू करेगा। ताकि कोई बच्चा छूटे नहीं और एक प्रभावी नेटवर्क बनाकर सौ फीसदी टीकाकरण के लक्ष्य को पाया जा सके।