एक महीने के भीतर 15वीं बार बढ़े तेल के दाम, मेट्रो शहर में पहली बार पेट्रोल 100 के पार, डीजल की कीमतें भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

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मई महीने में तेल के दाम आज शनिवार को 15वीं बार बढ़ने के बाद मुंबई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के पार पहुंच गई. स्टेट रिटेलर्स के एक प्राइस नोटिफिकेशन में बताया गया कि पेट्रोल के दाम 26 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम 28 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए हैं.

इससे एक महीने के भीतर तेल की कीमतें 15वीं बार बढ़ाई गईं, जिससे बाजार में दाम आसमान पर पहुंच गए. पेट्रोल के दाम राजस्थान (जयपुर सहित), मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में पहले ही 100 का आंकड़ा पार कर चुके हैं, मगर आज शनिवार को मुंबई में भी इसने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की.

नई कीमतों के बाद मुंबई पहला मेट्रो शहर बन गया है जो उपभोक्ताओं को 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा पर पेट्रोल बेच रहा है. मुंबई में एक दिन पहले के 99.93 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर शनिवार को 100.19 रुपए प्रति लीटर हो गई. शहर में डीजल की कीमत भी मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा 92.17 रुपए प्रति लीटर है, जो शनिवार को पिछले स्तर से 28 पैसे ज्यादा है. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा ऐतिहासिक उच्च स्तर पर है. इससे पहले कभी भी ईंधन की कीमत इस स्तर तक पहुंचने के करीब नहीं आई है.

जनवरी और फरवरी के महीने में खुदरा दरों में बढ़ोतरी के माध्यम से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें पहले ही शहर और देश के अन्य हिस्सों में 100 रुपए प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर चुकी हैं. शनिवार को कीमतों में वृद्धि के साथ, दिल्ली में भी पेट्रोल 93.94 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है, जबकि डीजल 84.89 रुपए प्रति लीटर पर बिक रहा है. पिछले दिनों की तुलना में क्रमश: 26 पैसे और 29 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है. देश भर में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में शनिवार को वृद्धि हुई, लेकिन विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों के स्तर के आधार पर कीमत अलग-अलग थी.

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय ईंधन की कीमतों को एक बेंचमार्क के रूप में रखकर तय की जाती हैं. वैश्विक ईंधन की कीमतों में वृद्धि से घरेलू बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी होती है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम सहित राष्ट्र द्वारा संचालित तेल विपणन कंपनियां विदेशी विनिमय दरों में किसी भी बदलाव को ध्यान में रखते हुए घरेलू ईंधन की दरों को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के साथ संरेखित करती हैं.