मेघालय से आफ्स्पा हटा, अरुणाचल में कुछ क्षेत्रों में जारी

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पिछले चार सालों में सुरक्षा स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार के बाद सरकार ने मेघालय से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून पूरी तरह से हटाया। अरुणाचल प्रदेश में भी अब यह कानून पहले के सोलह थाना क्षेत्रों से घटाकर आठ क्षेत्रों में रहेगा लागू. 1997 के बाद से साल 2017 में सबसे कम हुए हैं घुसपैठ के मामले।

मेघालय में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून पूरी तरह हटा लिया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक यह फैसला मेघालय के सभी क्षेत्रों से एक अप्रैल से लागू हो गया है। मेघालय में इसे हटाने का फैसला पिछले चार सालों में सुरक्षा स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार को देखते हुए किया गया है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को सीमावर्ती असम के सोलह थाना क्षेत्रों से घटाकर आठ क्षेत्रों और तिरप, चांगलांग तथा लोंगडिंग जिले तक सीमित कर दिया गया है।

तिरप, लोंगडिंग और चांगलांग क्षेत्रों की सीमा म्यांमार और 8 पुलिस थानों के तहत असम की सीमा के 7 अन्य जिलों से लगती है। तीनों जिले जनवरी 2016 से अफस्पा के तहत हैं. 2016 की तुलना में पूर्वोत्तर क्षेत्र में आतंकवादी घटनाओँ में 37 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा सैन्यबलों में 30 प्रतिशत और नागरिकों की मौत के मामलों में 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन देने की दिशा में गृह मंत्रालय के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने असम, मेघालय और अरूणाचल प्रदेश के बहुत हिस्सों से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून हटाने पर ट्वीट कर कहा कि ये पिछले 4 सालों में पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण सुधार के कारण हुआ।