अब केवल एक क्लिक से मिलेगी वरिष्ठजनों को पेंशन

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उज्जैन @ रविवार एक अक्टूबर को अन्तर्राष्ट्रीय वरिष्ठजन दिवस पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में सिंगल क्लिक पेंशन वितरण योजना का शुभारम्भ किया और वरिष्ठजनों का सम्मान किया। उल्लेखनीय है कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अन्तर्गत अब केवल एक क्लिक से हर महीने की पहली तारीख को प्रदेश के सभी वरिष्ठजनों के बैंक खातों में पेंशन की राशि भोपाल स्थित सर्वर के माध्यम से जमा करा दी जायेगी। इस योजना से पेंशन प्राप्त करने में समाज के वरिष्ठ वर्गों के लोगों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होगी और समय पर पेंशन प्राप्त हो सकेगी।।

मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में प्रसारित किया जा रहा था। एनआईसी कक्ष उज्जैन से भी प्रशासकीय अधिकारियों व शहर के वरिष्ठजनों ने कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। एनआईसी कक्ष में डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग शैली कनास, उपायुक्त नगर निगम योगेन्द्रसिंह पटेल, दिनेश परमार, डीडीआरसी से अनुप्रिया हाड़ा, एसएस चौहान, वरिष्ठजन एवं आनन्दक प्रकाश चित्तौड़ा, आनन्दीलाल शर्मा, महेश ज्ञानी, गुलाबबाई, सुमित्राबाई और सुनील राणा मौजूद थे।

भोपाल में आयोजित हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री गोपाल भार्गव ने की। मुख्यमंत्री ने मंच पर वरिष्ठ नागरिक पुनियाबाई और कन्हैयालाल का स्वागत किया और उनका सम्मान किया। उल्लेखनीय है कि इन दोनों की आयु एक सौ वर्ष से अधिक है। कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय अशोक शाह ने दिया। बताया गया कि यह योजना लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। इसमें 10 तरह की पेंशन योजनाओं को शामिल किया गया है। पूरे प्रदेश के लगभग 35 लाख वरिष्ठ नागरिक सिंगल क्लिक पेंशन वितरण योजना से लाभान्वित होंगे।

मंत्री गोपाल भार्गव ने अपने उद्बोधन में कहा कि काफी समय से यह शिकायत आ रही थी कि वृद्धजनों को पेंशन समय पर नहीं मिल पा रही है, इसलिये मुख्यमंत्री चौहान द्वारा वरिष्ठजनों की सुविधा के लिये इस योजना का शुभारम्भ किया गया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश शासन हर कदम, हर मुसीबत और हर परेशानी में समाज के वरिष्ठजनों के साथ है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन एक भावनात्मक दिन है। किसी नवजात शिशु के जन्म पर किसी भी परिवार में सबसे ज्यादा खुशी दादी मां को होती है। आजकल के समय में संयुक्त परिवार लगातार टूटते जा रहे हैं। नौकरी और व्यवसाय के लिये नवयुवकों को अपने माता-पिता से दूर जाना पड़ता है। इस कारण परिवार के बड़े-बुजुर्गों को अकेलापन महसूस होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बुजुर्ग ही हैं, जिनसे हमें बिना किसी अपेक्षा के स्नेह और प्यार मिलता है। हमें समय-समय पर परिवार के बुजुर्गों से उचित मार्गदर्शन भी मिलता है, जो कि हमारे जीवन में आने वाली समस्याओं को हल करने में हमारी मदद करता है। बुजुर्गों के अनुभव का लाभ परिवार ही नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन को भी मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में शुरू से ही बुजुर्गों के सम्मान की परम्परा रही है और मध्य प्रदेश शासन इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगा। सामाजिक ढांचे में हो रहे बदलाव के कारण नई पीढ़ी के युवा अपने माता-पिता और परिवार के अन्य बुजुर्गों की आजकल उपेक्षा करने लग गये हैं।

बदलते सामाजिक परिवेश में आजकल लोग भावनाशून्य और निष्ठुर हो गये हैं। इसीलिये शासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि यदि कोई सन्तान अपने बुजुर्गों से दुर्व्यवहार करेगी तो उसे जेल भेजा जायेगा। बुढ़ापा एक ऐसी अवस्था है, जिससे कोई भी बच नहीं सकता। अपने परिवार के बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार करने से पहले बच्चों को यह सोचना चाहिये कि आज जो वे कर रहे हैं, ऐसा ही व्यवहार भविष्य में उनके साथ भी हो सकता है।बुजुर्गों के ही कारण हमारा अस्तित्व है, इसलिये मध्य प्रदेश शासन द्वारा समाज के वरिष्ठजनों के लिये कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में भी आने वाले समय में लोगों की संख्या में बढ़ोत्री की जायेगी, ताकि अधिक से अधिक वृद्धजन इस योजना का लाभ ले सकें। कई बार ऐसे समाचार मिलते हैं कि अकेले मकान में निवास कर रहे बुजुर्ग के यहां चोरी, डकैती या अन्य कोई अप्रिय घटना घट गई है, इसीलिये शासन द्वारा अकेले रहने वाले बुजुर्गों की भी सूची बनाई जायेगी। उनके लिये अलग से एक हेल्पलाइन भी बनाई जायेगी, ताकि आपात स्थिति में वे उसका उपयोग कर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों के जीवन में उल्लास और उमंग लाने के लिये शासन द्वारा बनाये गये आनन्द मंत्रालय को भी काम सौंपा जायेगा। मुख्यमंत्री आवास में समय-समय पर ‘बुजुर्ग पंचायत’ भी आयोजित की जायेगी। आज शुरू हुई इस योजना से वरिष्ठजनों के खाते में पेंशन की राशि तो सीधे पहुंच ही जायेगी, लेकिन सरकार द्वारा भविष्य में बैंक प्रतिनिधि के माध्यम से ऐसा सिस्टम भी बनाया जायेगा, जिससे पेंशन की राशि उनके हाथों में सीधे पहुंच सके। इसके लिये जिला पंचायत, पोस्ट आफिस और नगरीय निकाय द्वारा कार्य योजना बनाई जायेगी।

मुख्यमंत्री ने मंच से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के वरिष्ठजनों का जीवन प्रसन्नता, हर्षोल्लास और उमंग से परिपूर्ण हो। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने शाल, श्रीफल और 2100 रूपये की नगद राशि भेंट कर बुजुर्गों का सम्मान किया। ऐसे बुजुर्ग, जो 80 वर्ष से अधिक आयु के हो चुके हैं जिन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष योग्यता हासिल है, उनका भी सम्मान मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। उज्जैन स्थित एनआईसी कक्ष में सम्बन्धित विभाग द्वारा बताया गया कि उज्जैन जिले में लगभग 93 हजार 931 वरिष्ठजन हैं, जो इस योजना से भविष्य में लाभान्वित होंगे। इनमें से 97.13 प्रतिशत वरिष्ठजनों का खाता व आधार नम्बर लिंक भी करा दिया गया है।