काम ना करने वाले व गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों के बनाए जाएंगे अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रकरण

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गुना @ शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता दिखाने वाले तथा गड़बड़ियां करने वाले और अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने तथा उनके प्रति असम्मानजनक बर्ताव करने वाले 20 वर्ष की अर्हता सेवा पूरी करने वाले या 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके शासकीय कर्मचारियों को अनिवार्य सेवा निवृत्ति देने के प्रकरण बनाए जाएंगे। ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाकर उचित रीति से प्रस्ताव बनाने के आज यहां कलेक्टर राजेश जैन ने समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में जिला अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों समेत अपर कलेक्टर नियाज अहमद खान भी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि शासकीय कर्मचारियों को ईमानदारी से समय पर शासकीय कार्य करना ही होगा और आम लोगों को तत्परता से अपनी सेवाएं देनी ही होंगी। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय कार्य के निष्पादन में अब हीला हवाली नहीं चलेगी। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि पिछले क्रियाकलापों को देखते हुए जिन कर्मचारियों की कार्य प्रवृत्ति और आचरण ठीक नहीं है, उनके प्रस्ताव बनाकर जल्द जिला कार्यालय को भिजवाएं।

कलेक्टर ने सी.एम.हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तत्परता दिखाने के अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि कार्य में कसावट लाएं। अधिकारी प्रतिदिन सी.एम.हेल्पलाइन के अन्तर्गत आने वाले आवेदन-पत्रों को देखें और उनका एल-वन स्तर पर ही निस्तारण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि अगर अधिकारी तत्परता दिखाएं, तो आवेदनों के निराकरण का दायरा एल-वन से आगे बढ़ ही नहीं पाएगा और उनका निराकरण जल्द हो जाएगा।

कलेक्टर ने म.प्र. विद्युत मण्डल के तहत दर्ज सी.एम.हेल्पलाइन के आवेदन-पत्रों के निस्तारण की धीमी गति पर असंतोष जताया और लंबित आवेदनों को जल्द निपटाने के अधीक्षण यंत्री म.प्र.विद्युत मंडल के प्रतिनिधि को निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आवेदनों में यदि बिजली संबंधी समस्या है, तो उसका फौरन समाधान कर आवेदनों का निराकरण करना सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से कहा कि ज्यादात्तर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त न होने वाले संबंधी ऐसे आवेदन-पत्र होते हैं, जिनका समाधान कर आप एल-वन पर ही आवेदनों का निराकरण कर सकते हैं। इसलिए ऐसे आवेदनों का एल-वन पर ही निराकरण करना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने विभागवार लंबित आवेदनों की समीक्षा कर लंबित प्रकरणों का फौरन निस्तारण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

अपर कलेक्टर खान ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यालय की व्यवस्थाओं के प्रति चौकस रहें। यह देखें कि उनका भृत्य उनकी जानकारी में लाए बगैर कहीं अचानक दफ्तर से बाहर ना चला जाए। इससे शासकीय कार्य प्रभावित होता है। अगर भृत्य अपनी मनमर्जी के मुताबिक कार्यालय से अचानक गायब रहता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें। उसका वेतन कांटें। अपर कलेक्टर ने शासकीय सेवकों के सातवें वेतनमान की अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि अगर आपके कार्यालय के शासकीय सेवकों के वेतन निर्धारण में कठिनाई आ रही है, तो इसके बारे में सीखने के लिए अपने जिम्मेदार कर्मचारी को कोषालय में भिजवाएं। इस पर जिला कोषालय अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों के कार्यालयों में शासकीय सेवकों के सातवें वेतनमान का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख को ही करना है।