अभिभावकों से फीस के लिए दबाव नहीं बनाएगा कोई भी स्कूल

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भोपाल। देशभर में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन किया है। ऐसे में अन्य व्यवस्थाओं की तरह प्रदेश के सभी स्कूल भी बंद किये गए हैं। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से राहत की खबर आई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी बोर्ड के स्कूलों के लिए आदेश जारी करते हुए कहा है कि, वो किसी भी छात्र या उसके अभिभावक से लॉकडाउन के दिनों में फीस के लिए दबाव नहीं बना सकता। फिर भले ही वो एमपी बोर्ड (MP Board) के स्कूल हों, सीबीएसई (CBSE) के स्कूल हों या आईसीएसई (ICSE) से सम्बद्ध शिक्षण संस्थान हों। कोई भी स्कूल प्रबंधन फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकते।

इसलिए जारी हुआ आदेश

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश का उद्देश्य ये है कि, इन दिनों वैसे ही कोरोना वायरस के चलते प्रदेश ही नहीं देशभर के सभी स्कूलों की छुट्टी है। साथ ही, सभी तरह के काम-कारोंबार भी लगभग बंद हैं। ऐसे में किसी मध्यम परिवार के लिए आजीविका चलाना ही इन दिनों में बड़ी चुनौती का काम है। फिर अगर इसी बीच स्कूलों की ओर से भी फीस का दबाव बनाया गया तो, कई परिवारों के लिए ये बड़ी चुनौती बन जाएगी। वो भी उस समय जब उनका बच्चा स्कूल गया ही नहीं। इस व्यवस्था को स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए आदेशित किया गया है।

स्कूल शिक्षा विभाग का आदेश

प्रदेश के सभी निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी किया है। इस आदेश के चलते स्कूलों पर सख्ती और अभिभावकों को राहत मिलेगी। विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि, मध्य प्रदेश में सभी CBSE, ICSE से संबद्ध स्कूलों में बकाया फीस 30 अप्रैल तक जमा होगी। इस बीच कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से लेट फीस की मांग भी नहीं करेगा। विभाग ने इसके पीछे तर्क दिया कि, लॉक डाउन होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। ऐसे में 30 अप्रैल तक स्कूल की फीस अभिभावक जमा कर सकते हैं। आदेश जारी किये जाने का उद्देश्य ये है कि, कोई भी स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से लेट फीस नहीं वसूल सके।

केन्द्र की ओर से पहले ही मिल चुका है आदेश

बता दें कि, इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से पहले ही आदेश जारी किये जा चुके हैं। क्योंकि, लॉकडाउन होने के बाद जैसे ही सभी स्कूलों को बंद किये जाने के निर्दश दिये गए, कई स्कूलों की तरफ से अभिभावकों के पास फीस जमा करने के फोन पहुंचने लगे। साथ ही, अभिभावकों पर फीस जमा न करने को लेकर लेट फीस चार्ज लगाने से जैसे कई तरह के दबाव बनाए जाने लगे। इस संबंध में कई अभिभावकों ने विभाग से शिकायत भी की, जिसके बाद भी कई प्राइवेट स्कूल उन पर फीस जमा करने के लिए दबाव बनाते रहे। फिलहाल, स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी इस आदेश के बाद कोई भी स्कूल अभिभावकों पर फीस का दबाव नहीं बना पाएंगे।