एनजीटी ने दिल्ली सरकार को प्रदूषण मामले में लगाई कड़ी फटकार

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दिल्ली में बढते वायु प्रदूषण से निपटने के लिये दिल्ली सरकार की संवेदनहीनता को लेकर एनजीटी ने एक बार फिर से केजरीवाल सरकार की फटकार लगाई है। प्रदूषण नियंत्रण के लिये एक्शन प्लान न सौप पाने के लिये दिल्ली सरकार को फटकार लगी है।

अब 48 घंटे में केजरीवाल को एक्शन प्लान सौपना होगा। गौरतलब है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर पिछली सुनवाई पर NGT ने दिल्ली सरकार और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान से एक्शन प्लान मांगा था लेकिन दिल्ली को छोड़कर सभी राज्यों ने अपना एक्शन प्लान सौप दिया था।

दिल्ली में वायु प्रदूषण की हालत में पिछले दिनों कुछ सुधार हुआ था लेकिन ये एक बार फिर से बढ रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने दिल्ली में बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर दिल्ली सरकार को एक बार फिर से फटकार लगाई है। NGT ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, लेकिन दिल्ली सरकार के पास अभी भी इससे निपटने के लिए कोई एक्शन प्लान नहीं है।

NGT ने कहा कि दिल्ली की आबो हवा दिनोदिन खराब होती जा रही है और सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों पर पड़ रहा है, लेकिन दिल्ली सरकार हालात से निपटने के लिए तैयार ही नहीं दिख रही है। NGT ने दिल्ली सरकार को 48 घंटे का वक्त दिया है, जिसमें दिल्ली सरकार को कोर्ट को अपना एक्शन प्लान सौंपना होगा।

गौरतलब है कि प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर पिछली सुनवाई पर NGT ने दिल्ली सरकार और दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान से एक्शन प्लान मांगा था लेकिन दिल्ली को छोड़कर सभी राज्यों ने अपना एक्शन प्लान सौप दिया था लेकिन दिल्ली सरकार के प्लान नही सौपने पर एनजीटी ने केजरीवाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

दिल्ली में पीएम10 का स्तर 3 दिसम्बर को 4 बजे 392 था जो 4 दिसम्बर को 4 बजे बढ़कर 447 हो गया। अगर बात पीएम2.5 की करे तो दिल्ली में 3 दिसम्बर को 4 बजे इसका स्तर 229 था जो 4 दिसम्बर की शाम 4 बजे बढकर 270 हो गया लेकिन फिर दोनो ही स्तर खतरनाक स्तर पर बने हुए है। इस बीच मौसम विभाग से थोड़ी राहत की खबर आई है जिसके अनुसार मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक दिल्ली एनसीआर में हल्की बारिष हो सकती है जो प्रदूषण से थोड़ा राहत देगी।

सोमवार को दिल्ली सरकार को पड़ी फटकार से पहले भी कई बार नाकाफी इंतजामों को लेकर केजरीवाल सरकार सवालो के धेरे में रही है। जानकारों की माने तो वायुमंडल में बढ़ती नमी और हवा की कम रफ्तार के काऱण बीते कुछ दिनों से दिल्ली एनसीआर में हवा की हालात खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। हालांकि बीते दिनों की तरह इस समय पंजाब और हरियाणा में पराली जलना बंद हो गई है लेकिन मौसम में आये बदलाब के चलते प्रदूषण का स्तर बिगडता जा रहा है। जिसके चलते सांस के मरीजों की दिक्कते भी बढने लगी है।

बढती प्रदूषण की समस्या पर काबू पाने के लिये जहां कड़े नियम बनाकर उनको कड़ाई से लागू करने की जरूरत है तो वही लोगों को भी अपने स्तर पर प्रदूषण को कम करने के लिये उपाय करने की जरूरत है। बहुत जरूरी होने पर ही अपनी गाडी़ का इस्तेमाल करें अन्यथा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से ही जाये, इसके अतिरिक्त खुले में कूड़ा समेत कोई भी चीज न जलायें। निर्माण कार्यो के लिये पहले से निर्धारित नियमों को पालन करें। और प्रदूषण बढाने बाली प्रतिबंधित चीजो के इस्तेमाल से बचे।