प्रधानमंत्री की नई योजनाओं के कारण नए मतदाता बीजेपी से नहीं जुड़े होते तो हार का अंतर और बड़ा होता: अमर सिंह

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राज्यसभा सांसद अमर सिंह तीन राज्यों में बीजेपी की हार पर अलग नजरिया रखते हैं. उनकी मानें तो तीन राज्यों में बीजेपी की हार की मुख्य वजह एससी/एसटी एक्ट रहा. उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने जिस तरह एससी/एसटी पर एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया, उससे बीजेपी का परपंरागत सवर्ण मतादात नाराज़ हो गया और यही हार का सबसे बड़ा कारण रहा. दोनों राज्यों में राजपूत मतदातों की संख्या करीब 12 फीसदी है. ऐसे में इनका नाराज होना बीजेपी को भारी पड़ा.

अमर सिंह बताते हैं कि राजस्थान में आजादी के बाद राजतंत्र खत्म होने से राजपूत वोटर कांग्रेस से नाराज रहने लगा और जब बीजेपी के भैरोसिंह शेखावत ने महलों में होटल खुलवा कर राजपूतों को नई जान दी उसके बाद से राजपूत बीजेपी के साथ हमेशा खड़ा रहा.

अमर सिंह कहते हैं, ‘संघ के हैं तीन काम- भोजन, भजन और विश्राम. इन तीनों के जरिए संघ ने आम लोगों को हमेशा जोड़कर रखा लेकिन राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लोगों से इतनी दूर चली गईं कि आम लोगों की बात तो अलग ख़ास लोग भी उनसे मिल नहीं पाते थे.’

अमर सिंह का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के कारण तीनों राज्यों में बीजेपी की हार का अंतर कम रहा. उनका कहना है कि अगर प्रधानमंत्री की नई योजनाओं के कारण नए मतदाता बीजेपी से नहीं जुड़े होते तो हार का अंतर और बड़ा होता.

हालांकि आम चुनावों के बारे में अमर सिंह की राय अलग है उनका मानना है कि लोकसभा चुनावों की तस्वीर विधानसभा चुनावों से ठीक उल्टी होगी जब देश में नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी का मुकाबला होगा तो राहुल कहीं नही टिकेंगे.