मुकदमों के आबंटन के लिये नई रोस्टर प्रणाली लागू

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रोस्टर के मुताबिक, चीफ जस्टिस की बेंच के पास जनहित याचिका, आपराधिक मामले, चुनाव संबंधी याचिका, जांच आयोग संबंधी, कोर्ट की अवमानना से संबंधित याचिका, सामाजिक न्याय , संवैधानिक नियुक्तियों से संबंधित मामले होंगे

सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट पर डाले गए नये रोस्टर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर नये केसों की सुनवाई के लिए जजों के बीच कार्य बंटवारे का रोस्टर जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ सहित कुल 12 कोर्टों में पीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों के नाम से कार्य का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है। कोर्टों का क्रम न्यायाधीशों की वरिष्ठता के हिसाब से तय होता है।

कोर्ट नंबर एक यानी मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सर्विस मैटर, जनहित याचिकाएं, सामाजिक न्याय, चुनाव संबंधी, मध्यस्थता मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं, क्रिमनल मैटर, न्यायालय की अवमानना, दीवानी मामले, संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, विधायी नियुक्तियां और जांच आयोग के मामले सुने जाएंगे। कोर्ट दो जस्टिस चेलमेश्वर की पीठ लेबर ला, अप्रत्यक्ष कर, भूमि अधिग्रहण आदि मामले सुनेगी। कई श्रेणियों का आवंटन एक से ज्यादा पीठों के पास रखा गया है।

शायद ऐसा काम की अधिकता और केस के निपटारे की सुगमता को देखते हुए किया गया होगा। जस्टिस लोकुर की पीठ अन्य मामलों के अलावा पर्यावरण और सामाजिक न्याय से जुड़े मामले भी सुनेगी। हालांकि जनहित याचिकाएं सिर्फ मुख्य न्यायाधीश की पीठ ही सुनेगी।सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट पर डाले गए नये रोस्टर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर नये केसों की सुनवाई के लिए जजों के बीच कार्य बंटवारे का रोस्टर जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ सहित कुल 12 कोर्टों में पीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों के नाम से कार्य का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है। कोर्टों का क्रम न्यायाधीशों की वरिष्ठता के हिसाब से तय होता है।

कोर्ट नंबर एक यानी मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सर्विस मैटर, जनहित याचिकाएं, सामाजिक न्याय, चुनाव संबंधी, मध्यस्थता मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं, क्रिमनल मैटर, न्यायालय की अवमानना, दीवानी मामले, संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, विधायी नियुक्तियां और जांच आयोग के मामले सुने जाएंगे। कोर्ट दो जस्टिस चेलमेश्वर की पीठ लेबर ला, अप्रत्यक्ष कर, भूमि अधिग्रहण आदि मामले सुनेगी। कई श्रेणियों का आवंटन एक से ज्यादा पीठों के पास रखा गया है।

शायद ऐसा काम की अधिकता और केस के निपटारे की सुगमता को देखते हुए किया गया होगा। जस्टिस लोकुर की पीठ अन्य मामलों के अलावा पर्यावरण और सामाजिक न्याय से जुड़े मामले भी सुनेगी। हालांकि जनहित याचिकाएं सिर्फ मुख्य न्यायाधीश की पीठ ही सुनेगी।सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट पर डाले गए नये रोस्टर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर नये केसों की सुनवाई के लिए जजों के बीच कार्य बंटवारे का रोस्टर जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ सहित कुल 12 कोर्टों में पीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों के नाम से कार्य का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है। कोर्टों का क्रम न्यायाधीशों की वरिष्ठता के हिसाब से तय होता है।

कोर्ट नंबर एक यानी मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सर्विस मैटर, जनहित याचिकाएं, सामाजिक न्याय, चुनाव संबंधी, मध्यस्थता मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं, क्रिमनल मैटर, न्यायालय की अवमानना, दीवानी मामले, संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, विधायी नियुक्तियां और जांच आयोग के मामले सुने जाएंगे। कोर्ट दो जस्टिस चेलमेश्वर की पीठ लेबर ला, अप्रत्यक्ष कर, भूमि अधिग्रहण आदि मामले सुनेगी। कई श्रेणियों का आवंटन एक से ज्यादा पीठों के पास रखा गया है।

शायद ऐसा काम की अधिकता और केस के निपटारे की सुगमता को देखते हुए किया गया होगा। जस्टिस लोकुर की पीठ अन्य मामलों के अलावा पर्यावरण और सामाजिक न्याय से जुड़े मामले भी सुनेगी। हालांकि जनहित याचिकाएं सिर्फ मुख्य न्यायाधीश की पीठ ही सुनेगी।सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट पर डाले गए नये रोस्टर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर नये केसों की सुनवाई के लिए जजों के बीच कार्य बंटवारे का रोस्टर जारी किया गया है। मुख्य न्यायाधीश की पीठ सहित कुल 12 कोर्टों में पीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीशों के नाम से कार्य का श्रेणीवार बंटवारा किया गया है। कोर्टों का क्रम न्यायाधीशों की वरिष्ठता के हिसाब से तय होता है।

कोर्ट नंबर एक यानी मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष सर्विस मैटर, जनहित याचिकाएं, सामाजिक न्याय, चुनाव संबंधी, मध्यस्थता मामले, बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं, क्रिमनल मैटर, न्यायालय की अवमानना, दीवानी मामले, संवैधानिक पदों पर नियुक्ति, विधायी नियुक्तियां और जांच आयोग के मामले सुने जाएंगे। कोर्ट दो जस्टिस चेलमेश्वर की पीठ लेबर ला, अप्रत्यक्ष कर, भूमि अधिग्रहण आदि मामले सुनेगी। कई श्रेणियों का आवंटन एक से ज्यादा पीठों के पास रखा गया है।

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