‘सेल्फी विथ सेपलिंग’ वृक्षारोपण अभियान की नई पहल

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यूपी के जालौन में कुछ दोस्तों ने पौधरोपण के लिए लोगों को जागरूक करने की ठानी है। दुबई, नोएडा, दिल्ली में नौकरी करने वाले ये दोस्त इन दिनों सेल्फी विद सैपलिंग नाम से मुहिम चला रहे हैं।

पेड़ कम हो रहे हैं जिसकी वजह से ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ती जा रही है। पहाड़ों से बर्फ पिघल रही है। इस तरह की चेतावनी और खबरें पढ़ने के बाद भी हम अपनी प्रकृति को बचाने के लिए कुछ ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में यूपी के जालौन के कुछ दोस्तों ने पौधरोपण के लिए लोगों को जागरूक करने की ठानी है। दुबई, नोएडा, दिल्ली में नौकरी करने वाले ये दोस्त इन दिनों सेल्फी विद सैपलिंग नाम से मुहिम चला रहे हैं। इसके जरिए जालौन के कई गांवों में लोग पौधे लगाकर सेल्फी क्लिक कर रहे हैं।

अच्छी बात ये है कि इस मुहिम में स्कूली बच्चे भी बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कई स्कूल इस अभियान से प्रेरित होकर अब नौनिहालों को वृक्षारोपण के फायदे बता रहे है। सेल्फी विद सैपलिंग अभियान की शुरुआत करने वाले युवाओं का कहना हैं समाज में तमाम बदलाव लाने के लिए सिर्फ सरकारी मशीनरी पर्याप्त नहीं होती, इनकी सफलता तब तक सुनिश्चित नहीं होती, जब तक जन-भागीदारी न की जाए। लोग सोशल मीडिया, मसलन फेसबुक, ट्विटर या व्हाट्सअप पर पर्यावरण पर चिंता तो जताते हैं लेकिन जब एक्शन की बात आती है तो दिखाई नहीं देते। हम क्यों न कुछ ऐसा करें जो उन्हें इस मुहिम से सीधे जोड़ दे।

युवाओं की टोली गाँव गाँव जाकर लोगों को फलदार वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित ही नहीं कर रही बल्कि अपने पैसों से पौधे और ट्री गार्ड खरीद कर लोगों को दे रही है। ट्री-गार्ड पर कैंपेन Selfie With Sapling के नाम के साथ व्यक्ति और स्थान का नाम लिखा होता है। अच्छी बात ये है कि कई गांवों के प्रधान भी इस अभियान के महत्व को समझते हुए इससे जुड़े हैं। प्रधान ग्रामीणों को वृक्षारोपण का संदेश भी दे रहे है कि पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रहे हैं।

उम्मीद है कि कि सेल्फी विद सैपलिंग अभियान वृक्षारोपण को जनांदोलन बनाकर धरती को हराभरा करने की एक बड़ी मुहिम साबित हो सकेगी। इसमें एक संदेश हम सब के लिए भी है कि जालौन के युवा अगर ऐसा अभियान चला सकते हैं तो आखिर हम क्यों नहीं।